- महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी CM अजीत पवार की विमान हादसे में हुई मौत की CID जांच पर रोहित पवार ने सवाल उठाए हैं
- रोहित पवार ने सीआईडी की जांच की धीमी गति और गृह विभाग के दबाव में होने का आरोप लगाया है
- सीआईडी कार्यालय में रोहित पवार के साथ अधिकारियों की गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर उन्होंने तीखी नाराजगी जताई है
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान हादसे में हुई मौत के मामले में सूबे की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने इस मामले की जांच कर रही सीआईडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. शुक्रवार को पुणे स्थित सीआईडी कार्यालय पहुंचे रोहित पवार ने जांच की 'कछुआ चाल' पर तीखा असंतोष व्यक्त किया. हालांकि, सीआईडी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि जांच बिल्कुल सही दिशा और सही रफ्तार से आगे बढ़ रही है.
गृह विभाग के दबाव में CID-रोहित पवार का आरोप
सीआईडी कार्यालय का दौरा करने के बाद मीडिया और सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए रोहित पवार ने कहा कि इसी सीआईडी ने पालघर साधु हत्याकांड और खैरलांजी हत्याकांड जैसे बड़े मामलों में रिकॉर्ड समय में चार्जशीट दाखिल की थी. लेकिन अजीतदादा की मौत को चार महीने बीत जाने के बाद भी सीआईडी के हाथ खाली हैं.
रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे दफ्तर पहुंचे, तो किसी जिम्मेदार अधिकारी ने उनसे मुलाकात तक नहीं की और नीचे के कर्मचारियों ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना और टालमटोल वाले जवाब दिए.
'अगली बार आए तो लगा देंगे ताला'
रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर तीखे तेवर दिखाते हुए सीआईडी दफ्तर को ताला लगाने की चेतावनी तक दे डाली. उन्होंने कहा, "अगर अधिकारी काम ही नहीं करना चाहते, तो जनता के टैक्स का पैसा उन पर क्यों खर्च हो? आज तो हमने सिर्फ ताला दिखाया है, लेकिन अगली बार अगर यही ढर्रा रहा, तो फिजूलखर्ची रोकने के प्रधानमंत्री के आह्वान पर हम इस दफ्तर में सचमुच ताला ठोक देंगे."
सीआईडी की सफाई: 'हम हर पहलू को खंगाल रहे हैं'
रोहित पवार के इन कड़े तेवरों के बाद सीआईडी ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर अपनी स्थिति साफ की. सीआईडी ने कहा कि रोहित पवार द्वारा समय-समय पर उठाए गए सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर ही जांच की जा रही है. एजेंसी ने स्पष्ट किया कि इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या इस विमान हादसे के पीछे कोई साजिश, तोड़फोड़ (सबोटॉज), आपराधिक लापरवाही या कोई अवैध गतिविधि शामिल थी. सीआईडी इस मामले में एएआईबी, डीजीसीए और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी जैसी शीर्ष एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी तकनीकी रिपोर्ट्स का इंतजार किया जा रहा है. जांच पूरी तरह पारदर्शी और सही दिशा में है.
बता दें कि इसी साल 28 जनवरी 2026 को हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी, जिसकी जांच सरकार ने सीआईडी को सौंपी है.
यह भी पढ़ें- मुंबई के नूर अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला के पेट में छोड़े हैंड ग्लव्स और बैंडेज, हालत बिगड़ी











