UPSC की तैयारी कर चुके शख्स ने अपने ही टीचर को बनाया बंधक, वसूले 1.90 करोड़ रुपये

भोपाल से सामने आए सनसनीखेज मामले में UPSC की तैयारी कर चुके युवक ने अपनी ही गुरु और मशहूर कोचिंग डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को बंधक बनाकर 1.90 करोड़ रुपये वसूल लिए. शातिर साजिश के तहत पिस्टल की नोक पर पैसे ट्रांसफर कराए गए और फर्जी वीडियो भी बनाया.

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UPSC Aspirant Kidnapping Case: भोपाल से एक चौंकाने वाला और भरोसे को तोड़ देने वाला मामला सामने आया है. UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी कर चुका एक युवक ही अपने कोचिंग संस्थान की डायरेक्टर और कभी अपनी गुरु रह चुकीं शुभ्रा रंजन को बंधक बनाकर 1 करोड़ 90 लाख रुपये की वसूली कर बैठा. साजिश इतनी शातिर थी कि पुलिस भी कुछ वक्त के लिए चकमा खा गई. लेकिन आखिरकार पूरा खेल उजागर हो गया और मास्टरमाइंड सलाखों के पीछे पहुंच गया. मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. 

2016 में पढ़ा, 2026 में रची साजिश

पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रियंक शर्मा कभी UPSC की तैयारी के लिए शुभ्रा IAS कोचिंग में पढ़ चुका था. पढ़ाई के दौरान वह शुभ्रा रंजन को “गुरु” मानता था. लेकिन हालात बदले, नीयत बदली और वही शख्स अब इस सनसनीखेज साजिश का मास्टरमाइंड बन गया.

कोचिंग सेंटर खोलने का झांसा देकर भोपाल बुलाया

भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि आरोपी ने शुभ्रा रंजन को भोपाल में नया कोचिंग सेंटर खोलने का प्रस्ताव दिया. इसी बहाने उन्हें दिल्ली से भोपाल बुलाया गया. शुरुआत होटल ताज से हुई और कहानी बागसेवनिया के एक किराए के फ्लैट में जाकर खौफनाक मोड़ पर पहुंच गई.

पिस्टल की नोक पर बनाया बंधक 

साजिश के तहत प्रियंक शर्मा ने दतिया और रीवा से बदमाशों को बुलाया. बागसेवनिया में किराए पर लिए गए फ्लैट में शुभ्रा रंजन को पिस्टल की नोक पर बंधक बना लिया गया. वहां उनसे तीन अलग‑अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 90 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए.

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एक दिन पहले किराए पर लिया फ्लैट 

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने वारदात से ठीक एक दिन पहले ही फ्लैट किराए पर लिया था. उसी दिन वहां सुंदरकांड का पाठ रखा गया था, ताकि आसपास के लोगों को किसी तरह की चीख‑पुकार सुनाई न दे. इसी फ्लैट में न सिर्फ बंधक बनाया गया, बल्कि एक फर्जी वीडियो भी शूट किया गया.

फर्जी वीडियो से फंसाने की कोशिश

वीडियो में दिखाया गया कि शुभ्रा रंजन और उनके पति ने ही प्रियंक के एक साथी का किडनैप करवाया है. मकसद साफ था कि अगर मामला बाहर आए तो पीड़िता को ही आरोपी बना दिया जाए. यह साजिश पुलिस को गुमराह करने की कोशिश थी.

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ICU में भर्ती होकर बचने की कोशिश

घटना के बाद प्रियंक शर्मा अचानक AIIMS भोपाल के ICU में भर्ती हो गया. उसने बीमारी का बहाना बनाया ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके. लेकिन क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच और सूचनाओं के आधार पर उसका खेल समझ लिया. पुलिस ने AIIMS में ही प्रियंक को गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान आरोपी की मां और पत्नी ने जमकर हंगामा किया. आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और अन्य सामान बरामद किया गया है. पूछताछ में सामने आया कि प्रियंक विदेश भागने की तैयारी में था.

पुलिस ने इन आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने प्रियांक शर्मा, दीपक भगत, रोहित मालवीय, विकास उर्फ विक्की दाहिया, कुनाल यादव और पंकज अहिरवार को गिरफ्तार किया है. दो आरोपी रामजी प्रजापति और रामू उर्फ रामेश्वर अब भी फरार है. 

नुकसान और हताशा से जन्मी साजिश

जांच में यह भी सामने आया कि कोविड के दौरान प्रियंक का कोचिंग सेंटर बंद हो गया था. उसने फ्रेंचाइजी लेकर भोपाल में शुभ्रा IAS कोचिंग शुरू की थी, लेकिन नुकसान के चलते उसे बंद करना पड़ा. इसी हताशा और लालच में उसने अपने गुरु को ही शिकार बना लिया. 

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