उज्जैन में अब सांदीपनि लोक: 108 फीट ऊंची श्रीकृष्ण मूर्ति, सिंहस्थ 2028 से पहले 9 थीम जोन व डिजिटल अनुभव भी

उज्जैन में सांदीपनि लोक प्रोजेक्ट 139 करोड़ से तैयार होगा. 108 फीट श्रीकृष्ण प्रतिमा, AR/VR अनुभव और 9 थीम जोन होंगे. NDTV की इस खबर पर जानिए क्या कुछ होगा खास.

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सांदीपनि लोक उज्जैन : श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली बनेगी वर्ल्ड क्लास, 139 करोड़ का प्रोजेक्ट
(सांदीपनि लोक का प्रस्तावित डिजाइन से)

Sandipani Lok Ujjain: मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाकाल लोक की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली महर्षि सांदीपनि आश्रम को ‘सांदीपनि लोक' के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है. सिंहस्थ 2028 से पहले इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत लगभग 139 करोड़ रुपए की लागत से 5 हेक्टेयर क्षेत्र में एक भव्य आध्यात्मिक कॉरिडोर तैयार किया जाएगा. यह परियोजना न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. आधुनिक तकनीक और प्राचीन विरासत के संगम से तैयार यह कॉरिडोर उज्जैन को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान देने वाला माना जा रहा है. NDTV से बात करते हुए कलेक्टर रोशन कुमार सिंह इस पूरे प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से चर्चा की है. जानिए क्या कुछ होगा इसमें.

महर्षि सांदीपनि आश्रम का ऐतिहासिक महत्व

उज्जैन के मंगलनाथ रोड पर स्थित सांदीपनि आश्रम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व बेहद खास है. मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण और उनके बड़े भाई बलराम मथुरा से यहां पहुंचे थे और महर्षि सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण की थी. यहीं उन्होंने 64 दिनों में 64 कलाएं, 16 विद्याएं, वेद, शास्त्र और पुराणों का ज्ञान प्राप्त किया था.

Sandipani Lok Ujjain: सांदीपनि लोक का प्रस्तावित मॉडल

महाकाल लोक की तर्ज पर होगा विकसित

राज्य सरकार अब इस ऐतिहासिक स्थल को महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित करने जा रही है. करीब 139 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट को सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने की योजना है. इससे उज्जैन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को और अधिक मजबूती मिलेगी.

9 थीम आधारित जोन में होगा विकास

सांदीपनि लोक को 9 अलग-अलग थीम आधारित जोन में विकसित किया जाएगा. हर जोन में श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव मिलेगा, जिसमें धर्म, इतिहास और आध्यात्म का समावेश होगा. यहां केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि एक इमर्सिव धार्मिक अनुभव भी तैयार किया जाएगा.

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AR/VR तकनीक से मिलेगा डिजिटल अनुभव

इस प्रोजेक्ट की खासियत आधुनिक तकनीक का उपयोग है. यहां ऑगमेंटेड रिएलिटी (AR) और वर्चुअल रिएलिटी (VR) के जरिए श्रद्धालु श्रीकृष्ण की जीवन यात्रा और उनकी शिक्षा से जुड़ी कथाएं देख और सुन सकेंगे. मल्टी-लैंग्वेज ऑडियो-विजुअल कंटेंट भी उपलब्ध कराया जाएगा.

Sandipani Lok Ujjain: जोन 1 कुछ ऐसा दिखेगा

गोमती कुंड पर लाइट एंड साउंड शो

परिसर में स्थित गोमती कुंड के पास भव्य लाइट एंड साउंड शो तैयार किया जाएगा. इसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, सांदीपनि आश्रम और उज्जैन के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया जाएगा. यह श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा.

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108 फीट ऊंची श्रीकृष्ण प्रतिमा बनेगी आकर्षण

सांदीपनि लोक का सबसे बड़ा आकर्षण 108 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की भव्य प्रतिमा होगी. यह प्रदेश की सबसे ऊंची श्रीकृष्ण प्रतिमाओं में शामिल होगी और दूर से ही श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी.

Sandipani Lok Ujjain: श्री कृष्ण की प्रतिमा

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर

पूरे परिसर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसमें स्मार्ट लाइटिंग, सीसीटीवी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सोलर एनर्जी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और अग्निशमन व्यवस्था शामिल होगी. इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिलेगा.

गोमती कुंड की पौराणिक कथा

स्कंद पुराण के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने अपने गुरु को प्रतिदिन गोमती नदी जाते देखा. तब उन्होंने अपने बाण से धरती फोड़कर वहीं गोमती जल प्रवाहित किया, जो आज गोमती कुंड के रूप में प्रसिद्ध है.
यह स्थल आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है.

गुरु पूर्णिमा पर विशेष महत्व

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सांदीपनि आश्रम में विशेष पूजा का आयोजन होता है. मान्यता है कि इस दिन बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए यहां ‘पाटी पूजन' कराया जाता है.

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Sandipani Lok Ujjain: कुछ ऐसा दिखेगा पूरा सांदीपनि लोक

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

महाकाल लोक के बाद अब सांदीपनि लोक उज्जैन की पहचान को नई ऊंचाई देगा. यह परियोजना न केवल प्रदेश बल्कि देश और विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी.

सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा होगा प्रोजेक्ट

सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करना है. इसके बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को एक नया और भव्य आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा.

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