MP में रोबोट चेक करेगा पाइपलाइन का लीकेज; CM मोहन ने कहा- अब होगी जल सुनवाई, स्वच्छ जल अभियान लॉन्च

Swachh Jal Abhiyan MP: सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि “हमारी जिम्मेदारी है कि हर घर तक साफ जल पहुंचे. तकनीक का उपयोग करते हुए पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करें. किसी भी स्थिति में दूषित पेयजल सप्लाई न हो. यह बड़ी चुनौती है, लेकिन हम गंभीरता से सामना करेंगे और देश में आदर्श प्रस्तुत करेंगे.”

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Swachh Jal Abhiyan: MP में रोबोट चेक करेगा पाइपलाइन का लीकेज; CM मोहन ने कहा- अब होगी जल सुनवाई, स्वच्छ जल अभियान लॉन्च

Swachh Jal Abhiyan MP: जल सुरक्षा, संरक्षण और सुनवाई को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने शनिवार 10 जनवरी 2026 से राज्यव्यापी ‘स्वच्छ जल अभियान' (Swachh Jal Abhiyan) शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अभियान का शुभारंभ किया. इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल सहित सभी महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, कलेक्टर और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. CM मोहन यादव ने कहा कि “हमारी जिम्मेदारी है कि हर घर तक साफ जल पहुंचे. तकनीक का उपयोग करते हुए पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करें. किसी भी स्थिति में दूषित पेयजल सप्लाई न हो. यह बड़ी चुनौती है, लेकिन हम गंभीरता से सामना करेंगे और देश में आदर्श प्रस्तुत करेंगे.”

Swachh Jal Abhiyan: स्वच्छ जल अभियान पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन

अभियान में क्या होगा?

  • हर मंगलवार होगी “जल सुनवाई”
  • 181 पर पेयजल संबंधी शिकायतों को दर्ज करने की विशेष व्यवस्था 
  • ‘जल सुनवाई' से जनता को शिकायत दर्ज करने और समाधान का अधिकार.
  • पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जन जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता.
  • जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए समय पर सुधारात्मक कदम.
  • अभियान के तहत जल शोधन यन्त्र और पेयजल संग्रहण टंकियों की होगी सफाई, जीआईएस मैप आधारित एप से होगी निगरानी 
  •  पेयजल पाइप लाइन में दूषित मिश्रण को रोकने की होगी कारवाई 
  •  जीआईएस मैप पर वाटर पाइप लाइन और सीवेज पाइप लाइन की मैपिंग की जायेगी, इंटर पाइंट सेक्शन का होगा चिन्हांकन और लीकेज की होगी जांच 
  • रोबोट से होगी पाइप लाइन में लीकेज की जांच 
  • समस्त पेयजल स्त्रोत की गुणवत्ता का होगा परीक्षण 
  • अल्पकालीन और दीर्घकालीन उपायों से नागरिकों को साफ़ पीने का पानी उपलब्ध कराना 
  •  जल की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण 
  •  एसटीपी की भी होगी नियमित निगरानी 

कब से कब तक चलेगा अभियान?

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता का व्यापक परीक्षण करना है. साथ ही जल आपूर्ति प्रणाली में लीकेज, दूषित जल की पहचान कर समय पर सुधार करना, जिससे जल-जनित बीमारियों से बचाव हो सके.

  • पहला चरण: 10 जनवरी से 28 फरवरी 2026
  • दूसरा चरण: 1 मार्च से 31 मई 2026

इस अभियान के दौरान सभी जल शोधन संयंत्रों और पेयजल टंकियों की सफाई होगी. पाइपलाइन में दूषित मिश्रण रोकने के लिए GIS मैप आधारित एप से निगरानी होगी. वाटर और सीवेज पाइपलाइन की मैपिंग कर लीकेज जांच की जाएगी. रोबोटिक तकनीक से पाइपलाइन की हेल्थ मॉनिटरिंग भी होगी.

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