Success Story: 30,000 लागत और 1.5 लाख तक मुनाफा: पब्लिक रिलेशन ऑफिसर की नौकरी छोड़ शुरू की खेती, अब सलाना 18 लाख की हो रही कमाई

Farmer Success Story: ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद राहुल लोधी भोपाल स्थित एलबीएस अस्पताल में पब्लिक रिलेशन ऑफिसर की नौकरी कर रहे थे. इसी दौरान उनके मन में खेती करने का विचार आया और उन्होंने सोशल मीडिया से अश्वगंधा की खेती की जानकारी हासिल की. उन्होंने जोखिम उठाने का फैसला किया और नौकरी छोड़कर अपने गांव लौट आए. अब राहुल 10 एकड़ जमीन पर अश्वगंधा की खेती कर रहे हैं और इससे सलाना 20 लाख रुपये तक मुनाफा कमा रहे हैं.

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Success Story: सागर के युवा किसान राहुल ने 10 एकड़ जमीन में अश्वगंधा की खेती की.

Farmer Rahul Lodhi Success Story: परंपरागत खेती में घटते मुनाफे के बीच औषधीय खेती किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही है. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर जिले (Sagar) के देवरी के सुखचैन वार्ड निवासी एक युवा किसान ने इसका जीता-जागता उदाहरण पेश किया है. इस युवा ने अस्पताल की नौकरी छोड़कर अश्वगंधा की खेती शुरू की और आज लाखों के मुनाफे की ओर बढ़ रहा है. देवरी निवासी राहुल लोधी (Rahul Lodhi Success Story) ने अपने हौसले और नई सोच के दम पर खेती के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है.

राहुल PRO की करते थे नौकरी

राहुल बताते हैं कि वह पिछले तीन वर्षों से खेती कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद भोपाल स्थित एलबीएस अस्पताल में पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (PRO) के पद पर नौकरी की. हालांकि, नौकरी के दौरान ही उन्हें यह महसूस हुआ कि परंपरागत रास्तों से हटकर कुछ नया करने की जरूरत है.

Ashwagandha Farming: अश्वगंधा की खेती से चमकी देवरी के युवा किसान की किस्मत.

राहुल के अनुसार, सोशल मीडिया पर उन्होंने अश्वगंधा की खेती के बारे में जानकारी हासिल की. इसके बाद उन्होंने देखा कि कई किसान औषधीय खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं और कुछ लोग तो इस खेती के दम पर लग्जरी जीवन जी रहे हैं. यह देखकर उन्होंने भी जोखिम उठाने का फैसला किया और नौकरी छोड़कर अपने गांव लौट आए.

अश्वगंधा की खेती शुरू की 

राहुल बताते हैं कि परंपरागत खेती में उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा था, जबकि उनके पास खुद की जमीन भी थी. उन्होंने यह भी देखा कि कई लोग किराए की जमीन लेकर औषधीय खेती से लाखों-करोड़ों रुपए कमा रहे हैं. इसी प्रेरणा से उन्होंने औषधीय खेती की ओर कदम बढ़ाया.

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उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्हें जयपुर और कोटा में जड़ी-बूटी खेती की ट्रेनिंग के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद वह कोटा पहुंचे और वहां अश्वगंधा की खेती की बारीकियां सीखी. साथ ही जयपुर से उच्च गुणवत्ता वाले अश्वगंधा के बीज लेकर आए.

Success Story: नौकरी छोड़ शुरू की औषधीय खेती, अब कमा रहे लाखों का मुनाफा.

10 एकड़ जमीन में उगा रहे अश्वगंधा 

राहुल ने इस वर्ष नवंबर माह में 10 एकड़ जमीन में अश्वगंधा की बुवाई की. वर्तमान में उनकी 5 एकड़ फसल की कटाई हो चुकी है, जबकि शेष 5 एकड़ में हार्वेस्टिंग का काम जारी है. वह बताते हैं कि एक एकड़ में औसतन 5 से 6 क्विंटल तक अश्वगंधा की जड़ निकलती है. बाजार में अश्वगंधा की अच्छी मांग होने के कारण उन्हें इसके बेहतर दाम मिल रहे हैं.

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राहुल के अनुसार, अश्वगंधा की जड़ करीब 30,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिकती है. वहीं इसका भूसा लगभग 2,000 रुपये प्रति क्विंटल और बीज 20,000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक जाता है. इस तरह एक एकड़ में करीब 2 लाख रुपये तक की आय संभव है.

एक एकड़ से इतना लाख तक मुनाफा

राहुल का कहना है कि उनकी इस पहल के बाद देवरी ब्लॉक में अश्वगंधा की खेती का यह पहला बड़ा प्रयास है. उन्हें देश के विभिन्न शहरों जैसे नीमच, कोटा सहित अन्य स्थानों से लगातार फोन आ रहे हैं और उनकी फसल की मांग बनी हुई है. उन्होंने बताया कि इस खेती में लगभग 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की लागत आती है, जबकि मुनाफा डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच सकता है. इस हिसाब से यह खेती परंपरागत फसलों जैसे गेहूं और चना की तुलना में कहीं अधिक लाभदायक साबित हो रही है.

राहुल लोधी का मानना है कि अगर किसान नई तकनीकों और बाजार की मांग को समझकर खेती करें, तो वे अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि औषधीय खेती में संभावनाएं अपार हैं और आने वाले समय में यह किसानों के लिए आर्थिक रूप से मजबूत विकल्प बन सकती है. आज राहुल की सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है. उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही जानकारी, प्रशिक्षण और जोखिम उठाने की क्षमता से खेती को भी लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है.

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