छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तेलीबांधा इलाके में एक ट्रैवल व्यवसायी को बेहद शातिर तरीके से ठगी का शिकार बनाया गया. प्रार्थी हरदीप सिंह होरा, जो “ट्रैवल प्लानर” नाम से टूर एंड ट्रैवल्स का कारोबार करते हैं, को 1 मार्च 2026 को एक व्हाट्सएप कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को हर्षित अग्रवाल बताया और अमेरिका व लंदन में होटल बुकिंग की बात कही. इसके बाद आरोपी ने भरोसा जीतते हुए होटल विकल्प मांगे और अगले दिन पेमेंट करने की बात कही.
करेंसी एक्सचेंज के बहाने बुलाकर रची साजिश
2 मार्च को आरोपी ने प्रार्थी को तेलीबांधा स्थित करेंसी टॉवर के एक को-वर्किंग स्पेस में बुलाया. उसे 18,000 अमेरिकी डॉलर और 2,000 ब्रिटिश पाउंड साथ लाने को कहा गया, बदले में भारतीय रुपये देने का झांसा दिया गया. जब प्रार्थी वहां पहुंचा, तो एक आरोपी नोट गिनने की मशीन लाने के बहाने बाहर चला गया, जबकि दूसरा फोन पर उसे उलझाता रहा. इसी दौरान आरोपी विदेशी करेंसी लेकर फरार हो गया. इस ठगी में कुल रकम करीब 19,47,400 रुपये आंकी गई है. मामले में थाना तेलीबांधा में अपराध दर्ज कर एण्टी क्राइम और साइबर यूनिट ने जांच शुरू की.
देशभर में 3 करोड़ की ठगी, 22 केस दर्ज
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह अपने मामा और गिरोह के साथ मिलकर काम करता था. देश के कई राज्यों में इसी तरह की ठगी कर चुका है. अब तक 22 वारदातों में करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है. इन राज्यों में महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश शामिल हैं. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं.














