ऑपरेशन नन्ही परी: 6 महीने की बच्ची शिवपुरी से बरामद, महिला समेत 2 गिरफ्तार, मानव तस्करी का शक

रतलाम से अगवा 6 महीने की बच्ची शिवपुरी में बस से बरामद. महिला समेत 2 आरोपी गिरफ्तार, मानव तस्करी एंगल से जांच जारी.

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ऑपरेशन ‘नन्ही परी’ सफल: रतलाम से अगवा बच्ची शिवपुरी में सुरक्षित बरामद

Child Kidnapping Case: मध्यप्रदेश में मानव तस्करी (Human Trafficking) की आशंका से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रतलाम से अगवा की गई 6 महीने की मासूम बच्ची को शिवपुरी पुलिस ने महज डेढ़ घंटे के ऑपरेशन में सुरक्षित बरामद कर लिया. ‘ऑपरेशन नन्ही परी' (Operation Nanhi Pari) नाम से चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने एक महिला और उसके पुरुष साथी को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी बच्ची को वीडियो कोच बस के जरिए दिल्ली ले जा रहे थे. पुलिस को शक है कि यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा हो सकता है. रतलाम पुलिस के अलर्ट के बाद शिवपुरी जिले की तीन थाना पुलिस और साइबर टीम ने हाईवे पर सघन चेकिंग कर आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की. इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में सतर्कता और तेजी की चर्चा हो रही है.

धार्मिक आयोजन में पहुंचे परिवार की बच्ची हुई थी अगवा

जानकारी के अनुसार, सागर निवासी एक परिवार धार्मिक आयोजन में शामिल होने रतलाम के जावरा थाना क्षेत्र स्थित हुसैन टेकरी पहुंचा था. इसी दौरान उनकी 6 महीने की बच्ची अचानक लापता हो गई. परिजनों ने बच्ची की तलाश करने के बाद पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया.

Child Kidnapping Case: अगवा की गई बच्ची

रतलाम पुलिस ने जारी किया अलर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए रतलाम पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की. बच्ची और संदिग्ध आरोपियों की तस्वीरें मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों और पुलिस थानों को भेजी गईं. इसके साथ ही हाईवे और बस मार्गों पर विशेष निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए.

शिवपुरी पुलिस ने शुरू की सघन चेकिंग

रतलाम पुलिस के अलर्ट के बाद शिवपुरी पुलिस एक्टिव मोड में आ गई. पूरणखेड़ी टोल प्लाजा के पास हाईवे पर वाहनों की चेकिंग शुरू की गई. इस दौरान लुकवासा चौकी, बदरवास थाना, कोलारस थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को ऑपरेशन में लगाया गया.

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वीडियो कोच बस में मिली बच्ची

चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक वीडियो कोच बस की तलाशी ली. बस के भीतर एक महिला 6 महीने की बच्ची को लेकर बैठी मिली, जबकि उसके साथ एक पुरुष साथी भी मौजूद था. पूछताछ के दौरान दोनों संदिग्ध घबराए हुए नजर आए, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया.

पुलिस ने आरोपियों को दबोचा

शिवपुरी पुलिस ने तुरंत बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और महिला तथा उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपी राजस्थान के झालावाड़ जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और अलग-अलग समुदाय से संबंध रखते हैं.

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मानव तस्करी एंगल की जांच

पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि बच्ची को दिल्ली ले जाया जा रहा था और इसके पीछे संगठित गिरोह की भूमिका भी हो सकती है. हालांकि पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

‘ऑपरेशन नन्ही परी' बना मिसाल

महज डेढ़ घंटे में बच्ची को सुरक्षित बरामद करने की कार्रवाई को पुलिस ने ‘ऑपरेशन नन्ही परी' नाम दिया. इस ऑपरेशन में शिवपुरी जिले की तीन थाना पुलिस और साइबर सेल ने अहम भूमिका निभाई. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलते ही टीमों ने हाईवे पर घेराबंदी कर दी थी.

पुलिस ने क्या कहा?

कोलारस SDOP संजय मिश्रा ने बताया कि रतलाम पुलिस से सूचना मिलने के बाद हाईवे पर गुजरने वाले वाहनों की सघन जांच शुरू की गई. उन्होंने कहा कि बस की तलाशी के दौरान महिला और पुरुष संदिग्ध स्थिति में पाए गए, जिसके बाद बच्ची को सुरक्षित बरामद कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

रतलाम पुलिस पहुंच रही शिवपुरी

मामले की जानकारी मिलने के बाद रतलाम पुलिस शिवपुरी के लिए रवाना हो गई है. रतलाम पुलिस बच्ची को उसके परिवार तक पहुंचाने के साथ आरोपियों को ट्रांजिट पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी.

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परिजनों ने ली राहत की सांस

बच्ची के सुरक्षित मिलने की खबर से परिवार ने राहत की सांस ली है. परिजन लगातार बच्ची की सलामती को लेकर परेशान थे और पुलिस से मदद की गुहार लगा रहे थे.

बड़ा सवाल: क्या सक्रिय है मानव तस्करी गिरोह?

इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. यदि जांच में मानव तस्करी के तथ्य सामने आते हैं, तो यह मामला केवल अपहरण नहीं बल्कि संगठित अपराध का बड़ा केस बन सकता है.

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पुलिस करेगी नेटवर्क की जांच

पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल, कॉल डिटेल और संपर्कों की जांच करेगी. संभावना जताई जा रही है कि इसके जरिए किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.

संवेदनशीलता और सतर्कता से टला बड़ा हादसा

कोलारस SDOP संजय मिश्रा ने कहा कि समय पर अलर्ट और तेजी से कार्रवाई नहीं होती तो बच्ची को दूसरे राज्य ले जाया जा सकता था. इस पूरे ऑपरेशन ने पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय की मिसाल पेश की है.

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