दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के बड़े नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई. उनके समर्थक सड़क पर उतर गए और फिर जमकर बवाल काटा. लेकिन, अब यह विवाद लगभग शांत हो गया. इस पूरे सियासी घमासान के बीच NDTV ने नरोत्तम मिश्रा से खास बातचीत. टिकट नहीं मिलने मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने बहुत दिया है, 6 बार चुनाव जीता हूं. उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि राजनीति में इस तरह के घटनाक्रम घटते रहते हैं.
टिकट कटने के बाद विरोध, 11 घंटे जाम रहा हाईवे
दरअसल, भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया. उम्मीदवार के नाम की घोषणा होते ही नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी फैल गई. देखते ही देखते बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए. विरोध का सबसे बड़ा असर नेशनल हाईवे-44 पर देखने को मिला. नाराज कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे लगभग 11 घंटे तक यातायात बाधित रहा. जाम के कारण 20 से 25 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग रहीं.
पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया.
पत्थरबाजी के बाद बढ़ा तनाव
भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का विरोध सिर्फ जाम तक ही सीमित नहीं रहा. प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस गोले छोड़े. हंगामे के दौरान एसडीओपी, एसपी और एडिशनल एसपी समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हुए. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया. विरोध के बीच नरोत्तम मिश्रा सामने आए और अपने समर्थकों से संयम बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और किसी भी कार्यकर्ता को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचे.
हाईवे जाम, 11 घंटे तक बवाल और SDOP, SP और ASP घायल; नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर मचा कोहराम
दतिया में कब होगा उपचुनाव?
दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी. अब इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी.