Congress Leader Naresh Gianchandani Resigns: राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. भोपाल की हुजूर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अपना इस्तीफा भेजा है. 37 साल तक कांग्रेस में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का फैसला किया. तो वहीं बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे सीएम हाउस पहुंची.
ज्ञानचंदानी ने प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा
ज्ञानचंदानी ने इस्तीफे में लिखा- 'मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं, कृप्या तत्काल मंजूर करे. मैंने सिर्फ आदरणीय राहुल गांधी तक बात रखने के लिए ट्वीट किया था. मैंने कोई मीडिया में बयान नहीं दिया और न सोशल मीडिया में वीडियो या बयान पोस्ट किया. वैसे भी समय समय पर राहुल गांधी को पार्टी हित में ट्वीट करता आ रहा हूं. 1989 में पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा मुझे हाथ पकड़कर राजनीति में लाए थे, उस समय में 24 वर्ष का था.
पार्टी छोड़ने की बताई वजह
ज्ञानचंदानी ने कहा कि मैं हमेश पार्टी के प्रति वफादार एवं अनुशासन में रहा, चाहे मुझे कोई पद नहीं मिले तो भी. मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग होने बाद वोरा जी ही मुझे तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से जोड़ा. मुझे कमलनाथ, दिग्विजय सिंह के अनुभव से बहुत सीखने को मिला, जिसके कारण क्षेत्र में बड़े ऐतिहासिक काम हुए हैं. 2018 में मुझे टिकट देने से पूरे प्रदेश का सिंधी समाज एकजुट हुआ जिस से काफी सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली, जबकि सिंधी समाज हमेशा भाजपा का वोटबैंक रहा. पहली बार वोटबैंक में सेंध लगी थी. मैंने कभी पद या टिकट नहीं मांगा सिर्फ पार्टी की सेवा में लगा रहा.
उन्होंने आगे लिखा, 'आज बहुत दुख है कि 37 साल पार्टी की ईमानदारी से सेवा करने के बाद राहुल गांधी को एक ट्वीट करना मध्य प्रदेश पार्टी नेतृत्व को स्वीकार नहीं हुआ. कृप्या मेरा इस्तीफा स्वीकार करें.'
इस पोस्ट के बाद बढ़ा विवाद
नरेश ज्ञानचंदानी ने अपने इस्तीफे में जिस ट्वीट का जिक्र किया है, वह अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर 5 जून को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए किया था. उन्होंने लिखा था, ‘आदरणीय राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, आपको पता है कि मध्य प्रदेश में 2028 में विधानसभा चुनाव है और इस समय राज्यसभा में ऐसे व्यक्ति को भेजना था जिसकी जमीन पर पकड़ हो और जो विधानसभा चुनाव जिता पाए, लेकिन आप बड़ी गलती करने जा रहे हैं. दिग्विजय सिंह के अलावा कोई चुनाव नहीं जिता सकता.'
आदरणीय @RahulGandhi , @priyankagandhi आपको पता है कि मध्य प्रदेश में 2028 में विधानसभा चुनाव है ऑर इस समय राज्यसभा में ऐसे को भेजना था जिसकी जमीन पर पकड़ हो और विधानसभा चुनाव जिता पाए पर आप बड़ी गलती करने जा रहे हैं , एक ही श्री दिग्विजय सिंह के अलावा कोई नहीं चुनाव जिता सकता ।
— Naresh Gyanchandani (@nareshgyanchand) June 5, 2026
बीना कांग्रेस विधायक सीएम हाउस पहुंची
इधर, बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे सीएम हाउस पहुंची. बीजेपी विधायक दल की बैठक के बाद निर्मला सप्रे सीएम हाउस पहुंची. इससे पहले भी निर्मला सप्रे कई बार बीजेपी के मंच पर दिख चुकी है. जिसके बाद कांग्रेस ने निर्मला सप्रे की सदस्यता खत्म करने की कई शिकायते की. फिलहाल कोर्ट में मामला पेंडिंग है.
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