MP Gehu Kharidi 2026: मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन की व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद मैदान में उतरने की तैयारी में हैं. आने वाले दिनों में वे किसी भी समय, किसी भी जिले के उपार्जन केंद्र पर औचक निरीक्षण कर सकते हैं. मुख्यमंत्री न केवल उपार्जन प्रक्रिया का जायजा लेंगे, बल्कि किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनेंगे. उनका फोकस इस बात पर रहेगा कि सरकार की ओर से तय की गई सभी सुविधाएं किसानों को सही ढंग से मिल रही हैं या नहीं. प्रशासनिक अमले को भी सतर्क रहने के साफ संकेत दिए गए हैं.
कभी भी उतर सकता है सीएम का हेलीकॉप्टर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण को लेकर कोई तय कार्यक्रम नहीं होगा. वे अचानक हेलीकॉप्टर से किसी भी केंद्र पर पहुंच सकते हैं. इसका मकसद जमीनी सच्चाई जानना और किसानों को बिना किसी औपचारिकता के अपनी बात रखने का मौका देना है.
किसानों से सीधे लेंगे फीडबैक
औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री गेहूं बेचने आए किसानों से बातचीत करेंगे. वे जानेंगे कि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में कोई दिक्कत तो नहीं हो रही, तौल में देरी तो नहीं है और स्लॉट बुकिंग व्यवस्था सही से काम कर रही है या नहीं.
MP Gehu Kharidi 2026: एमपी गेहूं खरीदी
उपार्जन केंद्रों पर ये सुविधाएं उपलब्ध
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं. मुख्यमंत्री इन व्यवस्थाओं की मौके पर जांच करेंगे.
किसी भी केंद्र पर बेच सकते हैं गेहूं
किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेचने की सुविधा दी गई है, ताकि उन्हें इंतजार न करना पड़े. गेहूं की तौल के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है और जरूरत पड़ने पर और बढ़ाई जा सकेगी.
एफएक्यू मापदंडों में दी गई राहत
सरकार ने एफएक्यू मापदंडों में भी शिथिलता दी है. चमक विहीन गेहूं की सीमा 50 प्रतिशत तक, सूखे दानों की सीमा 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है, ताकि किसानों का गेहूं अस्वीकृत न हो.
तेज तौल के लिए संसाधन बढ़ाए
किसानों की उपज की समय पर तौल के लिए बारदाना, तौल कांटे, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और साफ‑सफाई के साधन उपलब्ध कराए गए हैं. स्लॉट बुकिंग क्षमता रोजाना 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल की गई है, जिसे जरूरत अनुसार 3000 क्विंटल तक बढ़ाया जा सकता है.
2625 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदी
सरकार गेहूं 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है. किसानों की सुविधा के लिए हर शनिवार को भी गेहूं खरीदी और स्लॉट बुकिंग जारी रहेगी.
व्यवस्थाओं का खुद करेंगे आकलन
औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री इन सभी व्यवस्थाओं का खुद जायजा लेंगे. साथ ही, किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए लगाए गए पोस्टर‑बैनरों की स्थिति भी देखी जाएगी.
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