Jhabua Swing Accident: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में ड्रैगन झूला गिरने से घायल 14 बच्चों के मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं. जिला मुख्यालय हायर सेकेंड्री मैदान में चल रहे मेले में सोमवार को हादसा होने के बाद से ही अब हर तरह के झूलों की फिटनेस पर सवाल उठने लगे हैं. उधर, पीडब्ल्यू विभाग (PWD) का कहना है कि निरीक्षण के बाद फिटनेस प्रमाण पत्र दिया गया था.
क्षमता से ज्यादा बैठ गए बच्चे
मजिस्ट्रेट जांच के लिए कलेक्टर तीन अधिकारियों की टीम बनाई है, जो मंगलवार शाम तक जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी. हादसे में घायल सभी बच्चे विद्यार्थी बताए जा रहे हैं. प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि सभी स्टूडेंट्स को झूले में निशुल्क बैठाया गया था, जिस कारण छात्र-छात्राओं को क्षमता से ज्यादा झूले में बैठा दिया. इसी वजह से ड्रैगन झूला ओवरलोड हुआ और हादसे का शिकार हो गया.
छात्र-छात्राएं घायल
इस दौरान झूले में बैठे 14 छात्र-छात्राएं घायल हो गए. गनीमत रही इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और ना ही किसी तरह की कोई गंभीर चोट आई. प्राथमिक तौर पर इस हादसे के लिए जिम्मेदारों की ओर से ओवरलोडिंग को कारण बताया जा रहा है.
घायल बच्चों से मिलीं कलेक्ट्रेट
झूला गिरने से मेले में अफरातफरी मच गई. मेले में मौजूद अन्य लोगों ने घायल बच्चों को तुरंत झाबुआ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया. उधर, कलेक्ट्रेट नेहा मीना हादसे में घायल छात्र-छात्राओं से मिलने अस्पताल भी पहुंच गईं. हादसे की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. हादसे के बाद मेला आयोजन समिति और निगरानी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग हो रही है.
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बड़वानी में भी चल रहा मेला, खामियां-लापरवाही बरकरार
झाबुआ में हुए हादसे के बाद घायल छात्र-छात्राओं को लेकर अब झूला झूलने वाले बच्चों में डर का माहौल है. उदर, बड़वानी के दशहरा मैदान में लगे आनंद मेले की सुरक्षा पड़ताल क तो बड़े झूलों में खामियां ही खामियां मिली. बैठने वाली डोलियों में गेट या जाली नहीं लगी हुई थी, जिससे झूला चलते समय गिरने का खतरा बना रहता है.
वहीं, मेले में मेडिकल व्यवस्था की बात करें तो मौके पर एंबुलेंस की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई. हालांकि, मेला प्रबंधन ने सुरक्षा को लेकर अपने तर्क रखे.














