- जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में नौ लोगों की मौत हुई और 22 पर्यटकों को राहत कार्य के दौरान बचाया गया
- इजरायल मूल की सविता वर्मा ने स्कूबा डाइविंग की मदद से डूबते यात्रियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
- हादसे के वक्त सभी पर्यटकों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थीं, जिससे बचाव कार्य में अफरा-तफरी और परेशानी हुई
मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में शुक्रवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 9 तक पहुंच गई है, जबकि राहत और बचाव कार्य के दौरान 22 पर्यटकों को जिंदा बचा लिया गया है. इस मातम के बीच एक राहत भरी और बहादुरी की खबर भी सामने आ रही है. दावा किया जा रहा है कि पानी में डूबते लोगों को बचाने में इजरायल मूल की एक महिला सविता वर्मा की बड़ी भूमिका रही है. क्रूज हादसे से ठीक पहले के एक नए वीडियो में यह महिला नजर भी आ रही है.
जांबाज सविता वर्मा: स्कूबा डाइविंग के हुनर ने बचाई जानें?
बताया जा रहा है कि सविता वर्मा को स्कूबा डाइविंग आती है. 30 अप्रैल की शाम को करीब छह बजे बरगी डैम में हादसा हुआ, तो सविता वर्मा ने भी अपनी जान की परवाह न करते हुए पानी में डूबते कई लोगों की जानें बचाई हैं. हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सविता की वजह से कुल कितने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के बीच उनकी बहादुरी चर्चा का विषय बनी हुई है.
Bargi Dam Cruise Accident: हादसे से ठीक पहले का वीडियो आया सामने
बरगी डैम क्रूज हादसे से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें इजरायल से आईं सविता वर्मा, काठमांडू से आईं महिला पर्यटक सरस्वती के साथ नजर आ रही हैं. क्रूज में अन्य यात्री भी दिख रहे हैं और सब कुछ सामान्य लग रहा है. मगर इस वीडियो की सबसे खास और डराने वाली बात यह है कि किसी भी यात्री ने लाइफ जैकेट नहीं पहन रखा था. सारे पर्यटक खुश नजर आ रहे हैं और किसी को अंदाजा भी नहीं था कि अगले ही पल उनका सामना मौत से होने वाला है.
स्कूबा डाइविंग से संकट में कैसे बचाई जाती है जान?
स्कूबा डाइविंग? यह पानी के नीचे सांस लेने के उपकरणों से लैस गोताखोरी है. इसकी मदद से एक एक्सपर्ट गहरे पानी में भी लंबे समय तक रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला सकता है. बरगी डैम जैसे हादसों के समय नाव के नीचे या केबिन में फंसे लोगों तक गहराई में पहुंचकर उन्हें बाहर निकालना. डूबते हुए व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से खींचना और सतह पर लाकर प्राथमिक उपचार देना. पानी के अंदर रस्सी या जाल में उलझे लोगों को औजारों की मदद से तुरंत मुक्त करना.
चश्मदीद की जुबानी: लापरवाही और वो खौफनाक मंजर
जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे को लेकर दिल्ली से अपने परिवार के साथ घूमने आईं संगीता कोरी ने चौंकाने वाली बात बताई है. उन्होंने बताया कि वे कुल छह लोग दिल्ली से जबलपुर घूमने आए थे. अचानक शाम करीब 4 बजे उनका मन बरगी डैम जाने का हुआ और वे वहां पहुंचे. शाम लगभग 6 बजे क्रूज वापस लौट रहा था, तभी अचानक तेज हवा चलने लगी और पानी क्रूज के अंदर भरने लगा.
संगीता के अनुसार, क्रूज में सवार किसी भी यात्री को पहले से लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई थी. जैकेट सिर्फ रखी हुई थीं, लेकिन जब स्थिति बिगड़ने लगी और पानी भरने लगा, तब उन्हें बांटने की कोशिश की गई. इस दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी और छीना-झपटी मच गई. कुछ ही देर में क्रूज असंतुलित होकर पलट गया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना लापरवाही का नतीजा है. उनके मुताबिक, क्रूज संचालन सिर्फ कमाई का जरिया बनकर रह गया है और यात्रियों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता.
क्षमता से अधिक यात्री और अनुभवहीन चालक का आरोप
संगीता ने भावुक होते हुए कहा कि “कम से कम जिन लोगों से कमाई की जा रही है, उनकी जान की सुरक्षा तो सुनिश्चित होनी चाहिए." संगीता ने बताया कि क्रूज में करीब 40 लोग सवार थे, जिनमें लगभग 30 वयस्कों के टिकट कटे थे, जबकि 10-12 बच्चे भी साथ में थे, जिनके टिकट नहीं लिए गए थे. सभी लोग खुशी-खुशी घूमने निकले थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर हादसे में बदल जाएगा. उन्होंने आगे बताया कि हादसे में उनके जानने वालों को भी नुकसान हुआ है. एक व्यक्ति प्रशांत अब तक लापता है, जबकि एक महिला की मौत हो चुकी है. तीन लोग किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन दो लोग अभी भी अंदर फंसे हुए बताए जा रहे हैं.
संगीता ने यह भी कहा कि हादसे के समय स्थानीय लोग लगातार क्रूज चालक को इशारा कर रहे थे कि वह सुरक्षित दिशा में क्रूज ले जाए, लेकिन चालक ने उनकी बात नहीं सुनी. उनका मानना है कि चालक को पर्याप्त अनुभव नहीं था, जिसके कारण उसने सही समय पर सही निर्णय नहीं लिया और क्रूज पलट गया. उन्होंने यह भी बताया कि अगर समय रहते क्रूज को रोका या सही दिशा में मोड़ा जाता, तो शायद इतना बड़ा हादसा टल सकता था. उनके भाई ने स्टोर रूम तोड़कर जल्दबाजी में लाइफ जैकेट निकालकर लोगों को बांटी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.
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