Kisan Helpline: किसानों की हर समस्या का समाधान डायल 155253; CM मोहन ने अन्नदाताओं को दी ये सौगातें

Kisan Helpline: भोपाल में कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का शुभारंभ. सीएम डॉ. मोहन यादव ने शुरू की किसान हेल्पलाइन 155253, किसान कल्याण डैशबोर्ड से मिलेंगी महत्वपूर्ण जानकारियां. पढ़िए पूरी खबर.

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भोपाल में किसान हेल्पलाइन 155253 का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

Kisan Helpline MP: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 30 अप्रैल को भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में मुख्यमंत्री किसान हेल्पलाइन 155253 की शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने किसान कल्याण डैशबोर्ड, पैक्स समितियों में सदस्यता वृद्धि के लिए महा‑अभियान और 16 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसान कल्याण वर्ष के तहत पूरे पवित्र भाव से अन्नदाताओं के हित में कार्य कर रही है. उन्होंने साफ कहा कि खेती को लाभ का माध्यम बनाकर ही प्रदेश को समृद्ध बनाया जा सकता है.

कृषि कर्मयोगी कार्यशाला का शुभारंभ

राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित इस कार्यशाला में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी सहित 16 विभागों के चयनित अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे सरकार और किसानों के बीच सेतु बनाने वाला मंच बताया. उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2025–26 के अंतर्गत सभी विभागों को एक मंच पर लाकर समन्वित रूप से काम किया जा रहा है.

सीएम किसान हेल्पलाइन 155253: एक कॉल पर मिलेगी मदद

मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए टोल‑फ्री सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 का शुभारंभ किया और स्वयं कॉल कर इसकी कार्यप्रणाली को परखा. उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन किसानों की हर समस्या जैसे फसल, बीज, खाद, बाजार, मौसम, बीमा और योजनाओं से जुड़े प्रश्नों का त्वरित समाधान देगी. उन्होंने कहा, “अन्नदाता तक सरकार की आवाज और सरकार तक किसान की पीड़ा पहुंचाना इस हेल्पलाइन का उद्देश्य है.”

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किसान कल्याण डैशबोर्ड से मिलेगी रियल टाइम जानकारी

कार्यक्रम में सीएम किसान कल्याण डैशबोर्ड का भी लोकार्पण किया गया, जिससे योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की संख्या, भुगतान की स्थिति और फील्ड‑लेवल डेटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा. मुख्यमंत्री ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम बताया.

प्रतिबद्धता से असंभव को संभव कर रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रतिबद्धता के बल पर कई ऐसे कार्य पूरे किए हैं जिन्हें पहले असंभव माना जाता था. उन्होंने नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के सहयोग से पशुपालन क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में दूध क्रांति का दौर चल रहा है और किसानों को अब 7-8 रुपये प्रति लीटर तक अधिक मूल्य मिल रहा है.

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किसानों को मिल रहा कृषि की नई तकनीक का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गेहूं की कीमतों में दशकों तक नाममात्र की बढ़ोतरी हुई, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसानों को वास्तविक लाभ मिला है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकार 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद कर रही है. इसके साथ‑साथ एग्री वेस्ट प्रोसेसिंग को बढ़ावा देकर नरवाई, मक्के के डंठल और धान के अवशेषों से भूसा बनाकर अतिरिक्त आय के रास्ते खोले गए हैं.

आय बढ़े, लागत घटे; इसी लक्ष्य के साथ काम करें

डॉ. यादव ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, लागत कम करना और उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है. उन्होंने सभी कृषि कर्मयोगियों से आह्वान किया कि वे सरकार के साथ मिलकर श्रद्धा और सेवा भाव से काम करें.

किसान और जवान देश के दो मजबूत स्तंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करने वाला जवान और खेतों में अन्न पैदा करने वाला किसान दोनों देश के लिए समान रूप से अहम हैं. उन्होंने बताया कि आज सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसान दो की बजाय तीन फसलें लेने लगे हैं. उड़द की फसल पर समर्थन मूल्य के साथ 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की पहल भी इसी दिशा में एक कदम है.

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खेती को करियर के रूप में अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान परिवारों के युवा डॉक्टर और इंजीनियर बनना चाहते हैं, यह गर्व की बात है, लेकिन खेती को भी आधुनिक तकनीक से जोड़कर लाभदायक करियर बनाया जा सकता है. उन्होंने इजरायल का उदाहरण देते हुए बताया कि कम बारिश के बावजूद वहां खेती को आधुनिक बनाकर आय का मजबूत साधन बनाया गया है.

नदी जोड़ो परियोजनाओं से बदलेगा प्रदेश का भविष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को केन‑बेतवा लिंक, पार्वती‑कालीसिंध‑चंबल जैसी बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात मिली है. इन परियोजनाओं से बुंदेलखंड सहित कई जिलों को सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक विकास का लाभ मिलेगा. केंद्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत लागत वहन करना एक बड़ी उपलब्धि है.

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नर्मदा के जल से प्रदेश को समृद्ध करने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और यहां जल संसाधनों की कोई कमी नहीं है. गुजरात की तरह नर्मदा के जल से प्रदेश को भी समृद्ध किया जा रहा है. उन्होंने पानी की हर बूंद को बचाने पर जोर दिया.

16 विभागों की संयुक्त पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कार्यशाला ई‑विकास, सार्थक ऐप, खाद वितरण, नरवाई प्रबंधन और नवाचारों पर केंद्रित है. 16 विभागों की योजनाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाना इसे एक मॉडल पहल बनाता है.

कृषि मंत्री ने क्या कहा?

कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरे वर्ष को कृषक कल्याण को समर्पित किया है. हर जिले में कृषि मेले आयोजित किए जा रहे हैं और योजनाओं को ज़मीन पर उतारा जा रहा है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं.

1627 कृषि कर्मयोगियों का चयन

कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव निशांत बरवड़े ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा लोकसेवकों को ‘कर्मयोगी' की संज्ञा दी गई है. इस अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश भर से 16 विभागों के 1627 अधिकारियों‑कर्मचारियों का चयन कर उन्हें इस उन्मुखीकरण कार्यशाला में शामिल किया गया है.

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