बरगी डैम हादसा: तीसरे दिन मिले 6 साल के दो बच्चों के शव,11 हुई मृतकों की संख्या; 2 अभी भी लापता

जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में 48 घंटे बाद 6 साल के बच्चे का शव मिलने से मृतकों की संख्या 10 हो गई है. रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार तीसरे दिन भी जारी है और अब भी तीन लोग लापता हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो बच्चों के शव तीसरे दिन मिले.
  • हादसे के बाद 48 घंटे में रेस्क्यू टीम ने दो बच्चों के शव बरामद किए हैं, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं.
  • तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण क्रूज असंतुलित हुआ, यात्रियों ने लाइफ जैकेट के लिए अफरा-तफरी की शिकायत की है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

Bargi Dam Cruise Accident Death: मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. 30 अप्रैल की शाम हुए इस हादसे के 48 घंटे बाद रेस्क्यू टीम को दो और बच्चों के शव मिले हैं. इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है. मृतक बच्चे की पहचान विराज सोनी (6 वर्ष) पिता कृष्णा सोनी और तमिल (6 साल) पिता कमराज के रूप में हुई है. इस हादसे में एक 4 साल का मासूम भी अपनी जान गंवा चुका है, जिससे हर आंख नम है.

48 घंटे बाद मिले दो बच्चे का शव

तीसरे दिन भी जारी सर्च ऑपरेशन के दौरान रेस्क्यू टीम को शनिवार शाम विराज सोनी का शव बरगी डैम से बरामद हुआ. दिनभर तलाश के बाद शाम को यह सफलता मिली. इसके बाद शाम करीब 7 बजे कामराज के बेटे तमिल (6) का शव मिला.  प्रशासन के अनुसार अभी भी दो लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए अभियान लगातार चलाया जा रहा है. घटनास्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है.

कैसे हुआ हादसा?

यह दर्दनाक हादसा जबलपुर मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध के बैकवाटर क्षेत्र में खमरिया टापू के पास हुआ. चश्मदीदों के मुताबिक, शाम के समय अचानक मौसम खराब हो गया. तेज हवाओं के कारण पानी में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं. क्रूज में बैठे यात्रियों ने घबराकर शोर मचाया और नाव को तुरंत किनारे लगाने की गुहार लगाई.

लाइफ जैकेट को लेकर मची अफरा-तफरी

हादसे के वक्त क्रूज में मौजूद लोगों ने क्रू मेंबर की लापरवाही का आरोप लगाया है. यात्रियों का कहना है कि आखिरी समय में लाइफ जैकेटों के लिए अफरा-तफरी मच गई थी. कई लोग घबराहट में इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई और क्रूज संतुलन खो बैठा.

Advertisement

200 से ज्यादा जवानों की टीम, अब तक जारी रेस्क्यू

हादसे के बाद से अब तक रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होम गार्ड और स्थानीय प्रशासन की टीम में 200 से अधिक जवान लगाए गए हैं. इलाके की भौगोलिक स्थिति काफी मुश्किल है. ऊबड़-खाबड़ रास्तों और दुर्गम टापू के कारण रात में ऑपरेशन चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा.

सरकार की कार्रवाई, तीन कर्मचारी बर्खास्त

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं. लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोपों के बाद क्रूज संचालन से जुड़े तीन कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है. प्रशासन ने साफ किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement

अब भी तीन लोगों की तलाश

हालांकि, इस भीषण हादसे का दर्द अभी खत्म नहीं हुआ है. तीन लोग अब भी लापता हैं और उनके परिवारों को किसी चमत्कार की उम्मीद है. रेस्क्यू टीम हर संभव कोशिश कर रही है, लेकिन बहाव और गहराई के कारण ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.

ये भी पढ़ें- 

'हमने देखा बच्चा लिपटकर पड़ा था', जबलपुर हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर के बारे में रेस्क्यू टीम ने क्या बताया

Exclusive: ऊंची लहरें टकराईं, मैंने क्रूज को मोड़ा, मगर देर हो चुकी थी... जबलपुर हादसे के क्रूज पायलट ने NDTV को बताया

Featured Video Of The Day
Bengal Elections 2026: द. 24 परगना में वोटिंग के दौरान तनाव, Ground Report से समझें ताजा हालात