धार-खरगोन के किसानों की फसल बर्बाद; अब अमानक बीज मामले में कार्रवाई, नुन्हेम्स कंपनी पर FIR दर्ज

Kisan News: धार और खरगोन के किसानों की करेला फसल अमानक बीज और रोपों के कारण बर्बाद होने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. किसानों की शिकायत पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ धार जिले के मनावर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पढ़िए पूरी खबर.

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धार और खरगोन के किसानों की फसल बर्बाद; अमानक बीज पर शिवराज सिंह चौहान की कार्रवाई

Substandard Seeds Case: मध्यप्रदेश के धार और खरगोन जिले के किसानों की करेला फसल बर्बाद होने का मामला अब बड़ी कार्रवाई तक पहुंच गया है. अमानक बीज और रोपों के कारण हुए भारी नुकसान को लेकर किसानों ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर पूरी आपबीती साझा की. किसानों की बात सुनते ही शिवराज सिंह चौहान ने इसे किसानों की आजीविका पर सीधा हमला बताते हुए त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. मंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया और धार जिले के मनावर थाने में संबंधित बीज कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

किसानों की शिकायत सीधे केंद्रीय मंत्री तक पहुंची

धार और खरगोन के प्रभावित किसानों ने नई दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बताया कि करेला की फसल के लिए उन्होंने प्रमाणित बताकर बेचे गए बीज और रोपे खरीदे थे, लेकिन फसल पूरी तरह चौपट हो गई. किसानों ने बताया कि फसल में अपेक्षित उत्पादन नहीं हुआ, फल छोटे रह गए, पीले पड़ गए और समय से पहले गिरने लगे. इस नुकसान से किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी और उनकी पूरी मेहनत पानी में चली गई.

Substandard Seeds Case: नकली बीज की शिकायत शिवराज सिंह चौहान तक ऐसे पहुंची

किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं : शिवराज सिंह

किसानों की शिकायत सुनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि यह मामला सिर्फ फसल खराब होने का नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे, मेहनत और पूंजी को नुकसान पहुंचाने का है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. केंद्रीय मंत्री ने दो टूक कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी.

Substandard Seeds Case: नकली बीज को लेकर एक्शन

मंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई

केंद्रीय मंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई. धार जिले के मनावर थाने में प्रकरण दर्ज करते हुए नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद (तेलंगाना) के खिलाफ एफआईआर क्रमांक 266 दर्ज की गई है. यह मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराओं 3 और 7 तथा बीज अधिनियम, 1966 की धारा 19 के तहत पंजीबद्ध किया गया है.

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अमानक बीज बेचने का आरोप

प्राथमिकी में आरोप है कि कंपनी द्वारा अमानक बीज और उन्हीं से तैयार अमानक रोपे किसानों को प्रमाणित बताकर बेचे गए. किसानों का कहना है कि उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से कंपनी के बीज और रोपे खरीदे थे. लेकिन बुआई और रोपण के बाद फसल में गंभीर समस्याएं सामने आईं. फसल उत्पादन में भारी गिरावट के चलते किसानों को कर्ज और लागत निकालना भी मुश्किल हो गया.

जांच में क्या आया सामने?

किसानों की शिकायत के बाद 17 फरवरी 2026 को कृषि विभाग और कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने मामले की जांच की. जांच में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि किसानों को मानकों पर खरे न उतरने वाले बीज और रोपे उपलब्ध कराए गए थे. इन्हें प्रमाणित बताकर बेचा गया, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ. इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई.

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Substandard Seeds Case: नकली बीज की शिकायत

अमानक किस्म पर प्रतिबंध के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर करेला के अमानक बीज ‘रूबासटा' किस्म पर भी प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी अन्य किसान को इस तरह का नुकसान न उठाना पड़े. प्रशासन को यह भी कहा गया है कि प्रदेशभर में बीज और रोपों की गुणवत्ता की समीक्षा की जाए.

Substandard Seeds Case: नकली बीज की शिकायत

किसानों में बढ़ा भरोसा

इस घटनाक्रम के बाद धार और खरगोन के किसानों में भरोसा जगा है कि उनकी समस्या को गंभीरता से सुना गया. किसानों का कहना है कि अगर वे केंद्रीय मंत्री तक अपनी बात नहीं पहुंचाते, तो शायद उन्हें न्याय मिलना मुश्किल होता. अब मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने से किसानों को राहत की उम्मीद है.

पहले भी सख्त रुख अपना चुके हैं शिवराज सिंह

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इससे पहले भी अमानक और नकली बीज-कीटनाशकों के मामलों में कड़ा रुख अपना चुके हैं. वे कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि किसानों की मेहनत, फसल और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. उनके निर्देशों के बाद यह मामला एक संकेत माना जा रहा है कि किसानों की शिकायतों पर अब सिर्फ सुनवाई नहीं, बल्कि ठोस और परिणामकारी कार्रवाई भी हो रही है.

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