धार की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े संवेदनशील मामले में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला. सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद जिला प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई कई दौर की बैठकों के बाद जुमे की नमाज को लेकर सहमति बन गई. लगातार बारिश और कीचड़ की स्थिति को देखते हुए खसरा नंबर 612 को नमाज के लिए चुना गया. एक ओर प्रशासन कोर्ट के निर्देशों का पालन कराने में जुटा रहा, वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित भूमि को लेकर कुछ स्थानीय निवासियों ने आपत्ति भी दर्ज कराई. आखिरकार मुस्लिम समाज ने नमाज अदा की.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनी सहमति
भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद जिला प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की. बैठक में नमाज की व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. सहमति बनने के बाद यह तय किया गया कि शुक्रवार की जुमे की नमाज खसरा क्रमांक 612 पर अदा की जाएगी.
Dhar Bhojshala: धार भोजशाला परिसर के पास यही वो जगह है जहां नमाज अदा करने की सहमति प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच बनी है.
Photo Credit: साबिर खान
बारिश के कारण बदला गया स्थान
मौलाना कमाल वेलफेयर समिति के प्रमुख अब्दुल समद ने बताया कि पहले खसरा नंबर 611 पर व्यवस्था को लेकर विचार किया, लेकिन लगातार बारिश के कारण वहां काफी कीचड़ हो गया. ऐसी स्थिति में नमाज अदा करना मुश्किल हो सकता था. इसी वजह से समाज के प्रतिनिधियों और अन्य पक्षों की सहमति के बाद मस्जिद से सटी खसरा नंबर 612 की भूमि को चुना.
दो सप्ताह बाद पढ़ी गई जुमे की नमाज
अब्दुल समद ने कहा कि पिछले दो शुक्रवार से लोग नमाज अदा नहीं कर पा रहे थे. सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद इस बार नमाज की व्यवस्था की गई. उनका कहना था कि श्रद्धालु शांति और सौहार्द के साथ अपनी इबादत कर सकें, इसके लिए समाज और प्रशासन दोनों ने मिलकर प्रयास किए हैं.
धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने कहा कि नमाज को लेकर जो भी जरूरी व्यवस्थाएं हैं, उन्हें पूरा किया जा रहा है. नमाजियों की आवाजाही, सुरक्षा, बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया. प्रशासन का कहना है कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है.
Dhar Bhojshala: धार भोजशाला परिसर के पास नमाज के लिए जो जगह दी गई है उसका स्थानीय निवासी विरोध कर रहे हैं.
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भूमि को लेकर स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति
नमाज के लिए चुने गए स्थान को लेकर कुछ स्थानीय निवासियों ने विरोध भी दर्ज कराया. ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित भूमि उनकी निजी और पुश्तैनी जमीन है, जहां वे कई वर्षों से खेती करते आ रहे हैं. उनका कहना है कि बिना उनकी सहमति के लिए गए निर्णय से वे सहमत नहीं हैं और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी रास्ता अपनाएंगे.
Dhar Bhojshala: धार भोजशाला परिसर के पास भारी पुलिस बल तैनात है.
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मुस्लिम समाज ने विरोध के दावों को किया खारिज
वहीं मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने भूमि को लेकर उठाए जा रहे सवालों को खारिज किया. उनका कहना है कि संबंधित जमीन दरगाह की अधिकृत संपत्ति है और उससे जुड़े दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा करना है.