नशे में स्कूल पहुंचे हेडमास्टर, NDTV की पड़ताल में खुली पोल; पूछने पर कहा- थोड़ी शराब पी लेते हैं

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में नशे में स्कूल पहुंचे हेडमास्टर का मामला सामने आया है. NDTV की पड़ताल में हेडमास्टर की लापरवाही उजागर हुई, जहां वे शराब के नशे में बच्चों को पढ़ाते मिले.

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Drunk Headmaster School Controversy: शिक्षक को समाज में मार्गदर्शक और बच्चों के भविष्य की नींव कहा जाता है, लेकिन जब वही शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय लापरवाही करे, तो पूरे तंत्र पर सवाल खड़े हो जाते हैं. ऐसा ही चौंकाने वाला मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से सामने आया है.

रामानुजनगर क्षेत्र की शासकीय माध्यमिक शाला नर्मदापारा के हेडमास्टर पर नशे की हालत में स्कूल आने और बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं. NDTV की पड़ताल में इस पूरे मामले की पोल खुल गई, जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है.

स्थानीय लोगों की शिकायत पर पहुंची NDTV की टीम

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने NDTV को जानकारी दी थी कि स्कूल के हेडमास्टर निरंजन कुशवाहा अक्सर शराब के नशे में स्कूल पहुंचते हैं. इन शिकायतों के आधार पर NDTV की टीम जब स्कूल पहुंची, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था.

मौके पर देखा गया कि कक्षा में बच्चे बिना किसी शिक्षक के अपने-अपने स्तर पर पढ़ाई कर रहे थे. स्कूल में अनुशासन और निगरानी का पूरी तरह अभाव नजर आया. पूछताछ करने पर पता चला कि हेडमास्टर अपने कक्ष में मौजूद हैं.

डीईओ को दी गई जानकारी, जांच टीम गठित

मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा तक पहुंचाई गई. इसके बाद रामानुजनगर विकासखंड शिक्षा अधिकारी डी.एस. लकड़ा की अध्यक्षता में एक जांच टीम का गठन किया गया, जो तत्काल स्कूल पहुंची. जांच टीम के स्कूल पहुंचने पर अधिकारियों ने खुद हेडमास्टर की स्थिति देखी और वे भी हैरान रह गए. पूछताछ के दौरान हेडमास्टर निरंजन कुशवाहा ने स्वीकार किया कि वे कभी-कभी थोड़ी शराब पी लेते हैं.

केबिन में जमीन पर सोते मिले हेडमास्टर

NDTV की टीम जब हेडमास्टर के केबिन में पहुंची, तो निरंजन कुशवाहा जमीन पर सोते हुए मिले. कैमरा देखते ही वे घबरा गए और हड़बड़ी में उठकर बच्चों की कक्षा में पहुंच गए, लेकिन उनकी हालत साफ तौर पर सामान्य नहीं थी.

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पढ़ाते वक्त लड़खड़ाते और झूमते नजर आए

कक्षा में पढ़ाते समय हेडमास्टर लड़खड़ाते और संतुलन बनाए रखने में असफल नजर आए. बातचीत के दौरान वे अपने ही जिले के कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी का नाम तक ठीक से नहीं बता सके, जिससे उनके नशे में होने की स्थिति और साफ हो गई.

ग्रामीणों और अभिभावकों के बयान दर्ज

जांच टीम ने स्कूल के अन्य शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों के बयान दर्ज किए. सभी ने एक सुर में बताया कि हेडमास्टर अक्सर नशे की हालत में स्कूल आते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है. अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि ऐसे व्यक्ति के हाथ में बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं है और तुरंत ठोस कदम उठाए जाने चाहिए.

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रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई

जांच पूरी होने के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी है. अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.

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