परीक्षा में किया नकल तो चुकाना पड़ेगा एक करोड़ रुपये तक जुर्माना, बार-बार अपराध करने पर होगी उम्रकैद

Anti cheating law in Chhattisgarh: यह विधेयक बजट सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा. गौरतलब है कि प्रदेश में पिछली सरकार के दौरान अनेक भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया था. दरअसल, प्रदेश में सीजीपीएससी तक में धांधली की खबरों ने युवाओं के हौसलों को डिगा दिया था. हालांकि, सरकार बदलने के बाद इस मामले में भाजपा सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी. इस मामले में सीबीआई जांच में जुटी हुई है. 

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Anti Nakal Law: छत्तीसगढ़ में लोक भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं में नकल करने वाले नकल माफियाओं पर नकेल कसने की तैयारी तेज कर दी है. दरअसल, सरकार नकल माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए  लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 लाने जा रही है. 

यह विधेयक बजट सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा. गौरतलब है कि प्रदेश में पिछली सरकार के दौरान अनेक भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया था. दरअसल, प्रदेश में सीजीपीएससी तक में धांधली की खबरों ने युवाओं के हौसलों को डिगा दिया था. हालांकि, सरकार बदलने के बाद इस मामले में भाजपा सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी. इस मामले में सीबीआई जांच में जुटी हुई है. 

परीक्षा में किया नकल तो चुकाना पड़ेगा एक करोड़ रुपये तक जुर्माना, बार-बार अपराध करने पर होगी उम्रकैद
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नए कानून में ये हैं सजा के प्रावधान

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार नकल माफियाओं के खिलाफ जो विधेयक पेश करने जा रही है. उसमें परीक्षार्थियों के लिए दंड के सख्त प्रावधान किए गए हैं. विधेयक में किए गए प्रावधान के मुताबिक, नकल करते पकड़े जाने पर 1 से 5 वर्ष तक की जेल होगी. अधिकतम 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं, संगठित अपराध यानी संगठित रूप से नकल कराने वाले माफियाओं के लिए बहुत ही सख्त प्रावधान किए गए हैं. नकल करवाने वाले गिरोहों के खिलाफ न्यूनतम 5 वर्ष से 10 वर्ष तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है. वहीं, अधिकतम एक करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं, बार-बार अपराध करने पर आजीवन कारावास तक का प्रावधान किया गया है. 

इन कृत्यों को माना जाएगा अपराध 

  •  परीक्षा में नकल करना या नकल करवाना.
  •  प्रश्नपत्र लीक करना, प्राप्त करना या लीक की साजिश करना.
  •  परीक्षा कक्ष में शरीर, वस्त्र, फर्नीचर या अन्य वस्तुओं पर संकेत/शब्द/नकल सामग्री अंकित करना.
  •  ओएमआर शीट, उत्तर पुस्तिका या मूल्यांकन अभिलेखों में छेड़छाड़.
  •  फर्जी वेबसाइट बनाकर फर्जी परीक्षा आयोजित करना.
  •  नकली प्रवेश पत्र या नियुक्ति पत्र जारी करना.
  •  परीक्षा से जुड़े कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क या तकनीकी व्यवस्था में अवैध हस्तक्षेप.
  •  मेरिट या रैंक निर्धारण से जुड़े दस्तावेजों में छेड़छाड़.
  •  नकली प्रश्न पत्र को असली बताकर आर्थिक लाभ के लिए प्रसारित करना.
  •  परीक्षा तिथि या पालियों के आवंटन में गड़बड़ी करना.

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इस विधेयक में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सेवा प्रदाता संस्थान, कंपनियां या एजेंसियों को भी कानून के दायरे में लाने के प्रावधान किए गए हैं. साथ ही अपराध साबित होने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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