- केजीएमयू के बाल रोग विभाग के एडिशनल प्रोफेसर पर जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा है
- पीड़िता ने अश्लील मैसेज भेजने और दुर्व्यवहार की शिकायत प्रशासन में परिवार के साथ मिलकर दर्ज कराई है
- केजीएमयू प्रशासन ने 11 फरवरी को सात सदस्यीय विशाखा समिति गठित कर मामले की जांच शुरू की थी
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के बाल रोग विभाग के एडिशनल प्रोफेसर पर एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ गंभीर दुर्व्यवहार का आरोप लगा है. पीड़ित की शिकायत के बाद केजीएमयू प्रशासन ने 11 फरवरी को तत्काल एक विशाखा समिति का गठन किया. प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए. केजीएमयू अधिकारियों ने बताया कि विशाखा समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है.
महिला डॉक्टर को अश्लील मैसेज से परेशान करता था
बाल रोग विभाग की एक रेजिडेंट डॉक्टर ने एडिशनल प्रोफेसर पर दुर्व्यवहार और मोबाइल फोन पर गैर-जरूरी मैसेज भेजने के गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर केजीएमयू प्रशासन में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के आधार पर KGMU प्रशासन ने मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय विशाखा समिति गठित करने का आदेश दिया है.
आरोपी डॉक्टर से पूछताछ
KGMU की वीसी प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद के आदेश पर विशाखा समिति ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और आरोपी एडिशनल प्रोफेसर से पूछताछ की. समिति की प्रारंभिक जांच में पीड़िता के आरोप सही पाए गए. इसलिए, KGMU प्रशासन ने अतिरिक्त प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान, उन्हें चिकित्सा विभाग के डीन के कार्यालय से अटैच किया गया है.
KGMU के प्रवक्ता प्रोफेसर केके सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के बाद, KGMU प्रशासन ने तुरंत एक जांच समिति का गठन किया. जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर, आरोपी अतिरिक्त प्रोफेसर को बुधवार को निलंबित कर दिया गया है. KGMU प्रशासन पूरे मामले की सच्चाई की जांच कर रहा है. उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा.













