Hindi Poem: हिंदी दिवस पर पढ़िए रश्मि गुप्ता की शानदार कविता, 'चेतना और प्राण'

हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए हर साल हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है. इस खास दिवस पर पेश है कवियत्रि रश्मि गुप्ता की शानदार कविता 'चेतना और प्राण'.

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नई दिल्ली:

Hindi Diwas Poem: हिंदी भाषा न केवल एक भाषा है बल्कि ये लोगों से जुड़ने का एक भाव है. हिंदुस्तान की गौरव गाथा है हिंदी भाषा. हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए हर साल हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है. इस खास दिवस पर पेश है कवियत्रि रश्मि गुप्ता की शानदार कविता 'चेतना और प्राण'.

हिंदी दिवस के अवसर पर, आज मैं हिंदी की बात करती हूं,
संस्कृति और संस्कारों के प्रतिबिंब को , एकता के दर्पण को ,सादर प्रणाम करती हूं,
सादर प्रणाम करती हूं.

पावन धरा की आन बान शान है हिंदी, हिंदुस्तान की गौरव गाथा है हिंदी,
देश भक्ति साहित्य और संस्कृति की ,अमूल्य विरासत को जीवन देती है हिंदी,
देश को एकता के सूत्र में बांधती है हिंदी,
वेद उपनिषद की इस भाषा को मैं प्रणाम करती हू, प्रणाम करती हूं। 

हिंदुस्तान का अभिमान है हिंदी ,
संस्कृति का विस्तार है हिंदी,
दिलों दिलों की पुकार है हिंदी 
जनमानस के हर एक सवाल का 
एक सटीक जबाव है हिंदी, 
हिंद को जोड़ने की इस कड़ी को
 मैं प्रणाम करती हूं, प्रणाम करती हूं।

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अपनी भाषा का आधार हिंदी ,
चेतन प्राण को जाग्रत करती है हिंदी
जन गण मन की परिभाषा है हिंदी ,
करुणा प्रेम भरा है ,जिसके रग रग में ,
हिंद लिखा है जिसके हृदय में,
आशा विश्वास के उस स्पंदन को मैं प्रणाम करती हूं, प्रणाम करती हूं

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