
जिन टीनएजर्स को नींद नहीं आती है वो डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं
नई दिल्ली:
अगर आपके घर में 11 से 15 साल के बच्चे हैं और वे देर रात तक जगे रहते हैं तो आपको सावधान हो जाना चाहिए. ऐसे बच्चों को नींद से जुड़ी हुई दिक्कतें हो सकती हैं. यही नहीं इसके चलते वे डिप्रेशन में जा सकते हैं. यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि शोधकर्ताओं ने इस बात की चेतावनी दी है. अमेरिका की पीट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के पीटर फ्रेंनजेन की अगुवाई में की गई इस रिसर्च में कहा गया है कि जिन टीनएजर्स को नींद नहीं आती है वे डिप्रेशन का शिकार होने के साथ ही नशे की चपेट में भी आ सकते हैं.
क्या आप भी 6 घंटे से कम नींद लेते हैं तो खतरे में है आपकी किडनी!
दरअसल, ज्यादा समय तक नींद से दूर रहने की वजह से पुटामेन का कामकाज प्रभावित होता है. पुटामेन ब्रेन का वह हिस्सा होता है लक्ष्य हासिल करने वाली चीजों को सीखने में प्रमुख भूमिका निभाता है. नींद की कमी से ब्रेन की 'पुरस्कार प्रणाली' की सक्रियता भी कम हो जाती है.
इस रिसर्च को कैलिफोर्निया के अमेरिकन कॉलेज ऑफ न्यूरोसाइकोफार्माकोलॉजी की 56वीं सालाना बैठक के दौरान पेश किया गया. इसमें शोधकर्ताओं ने 11 से 15 साल वाले प्रतिभागियों की नींद की स्टडी की. रिसर्च के रिजल्ट से पता चलता है कि जब प्रतिभागियों को नींद से वंचित किया गया और उन्हें ज्यादा घंटों तक रिवॉर्ड गेम खेलने को कहा गया तो उस दौरान पुटामेन कम प्रतिक्रियाशील रहा.
लंच करने के बाद आखिर क्यों आती है नींद?
जबकि बाकी की स्थितियों में मस्तिष्क के उस भाग ने उच्च और निम्न पुरस्कार वाली स्थितियों में कोई अंतर प्रदर्शित नहीं किया. जिस रात प्रतिभागियों ने कम नींद पूरी की उसके अगले दिन उनके पुटामेन में कम सक्रियता देखी गई और उनमें डिप्रेशन के लक्षण भी ज्यादा नजर आए.
VIDEO: जब रात को नींद न आए तो अपनाएं ये उपाय Input: IANS
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जबकि बाकी की स्थितियों में मस्तिष्क के उस भाग ने उच्च और निम्न पुरस्कार वाली स्थितियों में कोई अंतर प्रदर्शित नहीं किया. जिस रात प्रतिभागियों ने कम नींद पूरी की उसके अगले दिन उनके पुटामेन में कम सक्रियता देखी गई और उनमें डिप्रेशन के लक्षण भी ज्यादा नजर आए.
VIDEO: जब रात को नींद न आए तो अपनाएं ये उपाय Input: IANS
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