Dal vs Paneer Protein Quality: तमन्ना भाटिया के फिटनेस ट्रेनर ने बताया प्रोटीन के लिए क्या खाएं: दाल या पनीर?

Dal vs Paneer Protein Quality: हाल ही में बॉलीवुड स्टार तमन्ना भाटिया के फिटनेस ट्रेनर, सिद्धार्थ सिंह ने प्रोटीन के इस बड़े कन्फ्यूजन को खत्म किया है. उन्होंने हमारे रोजमर्रा के खाने को 'S' से लेकर 'D' कैटेगरी में बांटा है, जहां S सबसे बेस्ट है और D सबसे बेकार. चलिए देखते हैं कि आपकी फेवरेट दाल और पनीर इस लिस्ट में कहां टिकते हैं.

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(Image Credit- Instagram@Tamannaah Bhatia & Siddhartha Singh)

Dal vs Paneer Protein Quality: अगर आप भी फिट रहने के लिए जिम जा रहे हैं या घर पर एक्सरसाइज कर रहे हैं, तो आपके दिमाग में भी यह सवाल ज़रूर आता होगा- 'प्रोटीन के लिए क्या खाऊं?' हमारे यहां शाकाहारी खाने में अक्सर दाल और पनीर को ही प्रोटीन का सबसे बड़ा जरिया माना जाता है. लेकिन क्या सच में दाल और पनीर एक बराबर फायदा देते हैं?

हाल ही में बॉलीवुड स्टार तमन्ना भाटिया के फिटनेस ट्रेनर, सिद्धार्थ सिंह ने प्रोटीन के इस बड़े कन्फ्यूजन को खत्म किया है. उन्होंने हमारे रोजमर्रा के खाने को 'S' से लेकर 'D' कैटेगरी में बांटा है, जहां S सबसे बेस्ट है और D सबसे बेकार. चलिए देखते हैं कि आपकी फेवरेट दाल और पनीर इस लिस्ट में कहां टिकते हैं.

दाल बनाम पनीर: किसका पलड़ा भारी?

ज्यादातर भारतीय घरों में दाल-चावल को प्रोटीन का बेस्ट सोर्स माना जाता है. लेकिन फिटनेस एक्सपर्ट सिद्धार्थ सिंह के मुताबिक, दाल 'B कैटेगरी' में आती है. इसका कारण यह है कि दाल एक 'इनकम्प्लीट प्रोटीन' है. यानी दाल से मिलने वाले प्रोटीन को हमारा शरीर पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता.

वहीं दूसरी ओर, पनीर और टोफू को 'S कैटेगरी' (सबसे बेस्ट) में रखा गया है. एक्सपर्ट का मानना है कि पनीर से शरीर को अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन मिलता है जिसे बॉडी आसानी से एब्जॉर्ब कर लेती है. अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो 'लो-फैट पनीर' आपके लिए एक शानदार ऑप्शन हो सकता है.

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ग्रीक योगर्ट: प्रोटीन का दूसरा बड़ा नाम

अगर आप पनीर से बोर हो गए हैं, तो ग्रीक योगर्ट आपके लिए बेहतरीन विकल्प है. इसे 'A कैटेगरी' में रखा गया है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि महज 100 ग्राम ग्रीक योगर्ट से आपको लगभग 8 ग्राम प्रोटीन मिल जाता है, जो आपकी मसल्स बनाने में काफी मदद करता है.

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ड्राई फ्रूट्स और प्रोटीन बिस्किट का सच

बहुत से लोग बादाम और अखरोट सिर्फ प्रोटीन के लिए खाते हैं, लेकिन एक ट्विस्ट है. सिद्धार्थ ने dry fruits को 'C कैटेगरी' में रखा है. उन्होंने साफ किया कि ड्राई फ्रूट्स सेहत के लिए अच्छे हैं, लेकिन प्रोटीन के मुख्य सोर्स के तौर पर इन्हें देखना गलत है, क्योंकि शरीर इनसे मिलने वाले प्रोटीन को ठीक से पचा नहीं पाता.

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सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है प्रोटीन बिस्किट से. इन्हें 'D कैटेगरी' में रखा गया है. फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह है कि बाजार में मिलने वाले ऐसे बिस्किट जो खुद को प्रोटीन से भरपूर बताते हैं, उनसे दूरी बनाकर रखें. इनमें प्रोटीन कम और बाकी चीजें ज्यादा हो सकती हैं जो आपकी डाइट बिगाड़ सकती हैं.

क्या खाएं?

अगर आप शाकाहारी हैं और बेहतरीन प्रोटीन चाहते हैं, तो अपनी डाइट में पनीर, टोफू और ग्रीक योगर्ट को प्राथमिकता दें. दाल को डाइट का हिस्सा रखें, लेकिन सिर्फ उसी पर निर्भर न रहें.

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