क्या आपके खर्राटे दूसरों को परेशान कर रहे हैं? इन 3 तरीकों से मिल सकती है राहत

Snoring Problem Managed Naturally: दरअसल, खर्राटे लेने वाले व्यक्ति को इस बात का एहसास नहीं होता कि वह खर्राटे ले रहा है, लेकिन उसके बगल में सो रहे लोगों के लिए यह बहुत कष्टदायक होता है.

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खर्राटे की समस्या कैसे कम करें?
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Snoring Problem Managed Naturally: हममें से कई लोगों को सोते समय खर्राटे की समस्या होती है. गहरी नींद में भी अनजाने में खर्राटे आ जाते हैं. हालांकि, यह एक आम समस्या लगती है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट कई मामलों में इसको लेकर सतर्क रहने की सलाह देते हैं. कुछ मामलों में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है. जो लोग लंबे समय से खर्राटों से परेशान हैं, उन्हें डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. दरअसल, खर्राटे लेने वाले व्यक्ति को इस बात का एहसास नहीं होता कि वह खर्राटे ले रहा है, लेकिन उसके बगल में सो रहे लोगों के लिए यह बहुत कष्टदायक होता है. इससे नींद में खलल पड़ता है और चिड़चिड़ापन महसूस होता है.

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हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि जो लोग थके हुए होते हैं, उनमें सर्दियों के दौरान नाक बंद होने, गले में खराश और बलगम बढ़ने के कारण खर्राटे लेने की समस्या बढ़ जाती है. 18 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 45 प्रतिशत लोगों में खर्राटे लेने की यह समस्या देखी जाती है. हालांकि, बाजार में खर्राटे कम करने के लिए कई दवाएं आती हैं, लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि खर्राटों को नेचुरल तरीकों से कंट्रोल किया जा सकता है. चलिए आपको बताते हैं खर्राटे की समस्या को कम करने के लिए नेचुरल तरीके क्या हैं?

सोने की आदतों पर ध्यान दें

खर्राटे कम करने के लिए सबसे पहले आपको अपनी सोने की आदतों पर ध्यान देना चाहिए. पीठ के बल सोने से जीभ और तालू आपस में चिपक सकते हैं, जिससे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है. इससे खर्राटे और बढ़ सकते हैं. ऐसे में करवट लेकर सोना सबसे अच्छा है. आपको दिन में कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए. नींद की कमी से गले की मांसपेशियों में समस्या हो सकती है, जिससे खर्राटे बढ़ सकते हैं.

तकिये को साफ रखें

कई लोग तकियों के प्रति लापरवाह होते हैं, लेकिन यह बहुत खतरनाक है. तकियों में जमा धूल, गंदगी और मृत कोशिकाएं एलर्जी और नाक बंद होने का कारण बन सकती हैं. हर दो सप्ताह में एक बार तकिए को धूप में सुखाएं और तकिए के कवर को धोएं. सोते समय सिर ऊंचा रखने से सांस लेने में आसानी होती है और खर्राटे कम हो जाते हैं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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