Menstrual Cramps: नेशनल गर्ल चाइल्ड डे सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि बेटियों की हिम्मत, आत्मविश्वास और जज्बे को सम्मान देने का दिन है. समाज में आगे बढ़ते हुए लड़कियों को कई शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इन्हीं चुनौतियों में से एक है पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द, क्रैम्प्स, सूजन और मूड स्विंग्स, जो पढ़ाई, काम और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे समय में योग एक सुरक्षित, प्राकृतिक और असरदार उपाय बनकर सामने आता है.
योग एक्सपर्ट्स के अनुसार, रेगुलर योगाभ्यास से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का स्राव बढ़ता है, जो प्राकृतिक पेनकिलर की तरह काम करता है. इससे दर्द कम होता है, मन शांत रहता है और थकान भी घटती है. खास बात यह है कि पीरियड्स के दौरान भारी कसरत से बचते हुए कुछ हल्के और आरामदायक योगासन अपनाए जाएं, तो राहत जल्दी मिलती है. ये आसन पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करते हैं, मांसपेशियों को रिलैक्स करते हैं और क्रैम्प्स को कम करने में मदद करते हैं.
पीरियड्स के दौरान राहत देने वाले योगासन | Yoga Poses That Provide Relief During Periods
1. बालासन (चाइल्ड पोज)
यह आसन पीरियड्स के दिनों में बहुत आराम देता है. घुटनों के बल बैठकर आगे झुकें, माथा जमीन पर टिकाएं और हाथ आगे की ओर फैलाएं. इससे कमर और पेट की मांसपेशियां ढीली पड़ती हैं, दर्द और ऐंठन में कमी आती है. 1–2 मिनट तक इस मुद्रा में रहें. यह सूजन घटाने और मन को शांत करने में भी मदद करता है.
2. सुप्त बद्ध कोणासन (रिलाइनिंग बटरफ्लाई पोज)
पीठ के बल लेटकर पैरों के तलवे आपस में मिलाएं और घुटनों को आराम से बाहर की ओर छोड़ दें. जरूरत हो तो तकिए का सहारा लें. यह आसन पेल्विक क्षेत्र में ब्लड फ्लो बढ़ाता है, जिससे ऐंठन और सूजन में राहत मिलती है. 5–10 मिनट तक अभ्यास करें.
3. अपानासन
पीठ के बल लेटकर दोनों घुटनों को छाती से लगाएं और हाथों से पकड़ें. हल्का-सा आगे-पीछे हिलें. यह पेट की ऐंठन, गैस और सूजन को कम करता है और दर्द से तुरंत राहत देता है.
4. मार्जरीआसन–बितिलासन (कैट–काउ पोज)
चारों हाथ-पैरों के बल आकर सांस के साथ पीठ को ऊपर-नीचे करें. यह रीढ़ को लचीला बनाता है, कमर दर्द घटाता है और शरीर में एंडोर्फिन बढ़ाने में मदद करता है. इससे पीरियड्स के दौरान होने वाले मूड स्विंग्स भी संतुलित होते हैं.
5. सुप्त मत्स्येंद्रासन
पीठ के बल लेटकर एक घुटने को दूसरी ओर मोड़ें और विपरीत हाथ से हल्का दबाव दें. यह आसन पेट की मरोड़ दूर करता है, सूजन घटाता है और दर्द से राहत देता है. दोनों ओर 30-60 सेकंड तक करें.
जरूरी सावधानियां:
पीरियड्स के दौरान योग करते समय शरीर की सुनें. किसी भी आसन में ज्यादा खिंचाव या पेट पर दबाव न डालें. अगर दर्द बहुत ज्यादा हो, चक्कर आएं या कोई मेडिकल समस्या हो, तो पहले डॉक्टर की सलाह लें.
योगासन को रूटीन में शामिल करके पीरियड्स की परेशानियों पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है. यह न सिर्फ दर्द से राहत देता है, बल्कि बेटियों को उन दिनों में भी एनर्जी, संतुलन और आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद करता है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)