नीलगाय का खेत में घुसना किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है. गेहूं, चना, मटर, अरहर और दूसरी फसलों को नीलगाय कुछ ही घंटों में काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं. खासकर रात के समय जब किसान खेत पर निगरानी नहीं रख पाते, तब फसल को बचाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में किसान अक्सर जानना चाहते हैं कि नीलगाय किस चीज से डरती है और उन्हें खेत से दूर रखने का आसान तरीका क्या है. खेती से जुड़े एक्सपर्ट के मुताबिक किसी एक देसी उपाय पर निर्भर रहने के बजाय खेत की सुरक्षा के लिए कई तरीकों को साथ में अपनाना ज्यादा व्यावहारिक है.
नीलगाय को खेत से दूर रखने के लिए लगाएं चमकीली चीजें
नीलगाय अचानक होने वाली हलचल, तेज आवाज और चमकती चीजों से सतर्क हो सकती है. इसलिए खेत की मेड़ पर रिफ्लेक्टिव टेप, पुरानी सीडी, चमकीले कपड़े या टीन के डिब्बे लगाए जा सकते हैं. हवा चलने पर इनसे होने वाली चमक और आवाज जानवरों को कुछ समय के लिए खेत से दूर रखने में मदद कर सकती है. हालांकि, एक ही तरीके की आदत जानवरों को पड़ सकती है. इसलिए समय-समय पर व्यवस्था बदलना बेहतर रहता है.
लहसुन और मट्ठे का घोल भी अपनाते हैं किसान
कुछ किसान नीलगाय को दूर रखने के लिए तेज गंध वाले घरेलू घोल का इस्तेमाल करते हैं. इसके लिए मट्ठे में पिसा हुआ लहसुन मिलाकर कुछ दिनों के लिए रखा जाता है और फिर पानी मिलाकर खेत की मेड़ के आसपास छिड़काव किया जाता है. तेज गंध जानवरों को परेशाान कर सकती है. हालांकि, इस तरह के घरेलू उपायों का असर हर खेत और हर स्थिति में एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है.

नीम की खली और राख का इस्तेमाल
खेत की मेड़ के आसपास नीम की खली या लकड़ी की ठंडी राख का इस्तेमाल भी कुछ किसान करते हैं. नीम की खली की गंध कई कीटों को दूर रखने में मदद कर सकती है और इसे खेती में जैविक सामग्री के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन नीलगाय को निश्चित रूप से दूर रखने की इसकी क्षमताा के बारे में पक्के वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं. इसलिए इसे अकेला बचाव मानने के बजाय दूसरे उपायों के सााथ इस्तेमाल करना बेहतर है.
खेत के चारों तरफ लगाएं मजबूत बाड़
नीलगाय से फसल बचाने का सबसे सीधा तरीका खेत की भौतिक सुरक्षा करना है. खेत की मेड़ पर मजबूत खूंटे लगाकर तार या उपयुक्त जाली की बाड़ बनाई जा सकती है. जहां संभव हो, सुरक्षित फेंसिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे नीलगाय के साथ दूसरे जानवरों से भी फसल को बचाने में मदद मिलती है.

सोलर लाइट और सेंसर भी हो सकते हैं मददगार
रात में खेत की निगरानी के लिए मोशन सेंसर वाली लाइट या सायरन लगाए जा सकते हैं. जानवर के पास आते ही रोशनी या आवाज शुरू होने से वह सतर्क होकर पीछे हट सकता है. सोलर से चलने वाले उपकरण उन खेतों में सुविधाजनक हो सकते हैं जहां बिजली की नियमित व्यवस्था नहीं है. हालांकि, जानवरों को इनकी आादत भी पड़ सकती है. इसलिए इन्हें दूसरे सुरक्षा उपायों के साथ इस्तेमाल करनाा बेहतर है.
नीलगाय भगाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
नीलगाय को भगाने के लिए खेत में जहरीला पदार्थ, खतरनाक रसायन या ऐसा कोई तरीका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिससे जानवर या इंसान घायल हो. किसी भी बाजारू रिपेलेंट का इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल पर दिए निर्देश जरूर पढ़ें. घरेलू नुस्खों को भी पूरी तरह भरोसेमंद या स्थायी समाधान न माानें. खेत की स्थिति के हिसाब से बाड़, निगरानी, रोशनी और रिपेलेंट जैसे कई उपायों को मिलाकर इस्तेमाल करनाा फसल के नुकसान को कम करने का ज्यादा सुरक्षित तरीका हो सकता है.
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