Best Time to Take Iron: क्या आप बिना ज्यादा काम किए भी हर समय थकान महसूस करते हैं? सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूल जाती है या अक्सर चक्कर आते हैं? यह सिर्फ बिजी लाइफस्टाइल का असर नहीं, बल्कि शरीर में आयरन की कमी का संकेत भी हो सकता है. न्यूट्रिशनिस्ट नमाम अग्रवाल के अनुसार, आयरन की कमी आज के समय में बहुत आम है, लेकिन उससे भी बड़ी समस्या यह है कि लोग आयरन सप्लीमेंट सही तरीके से नहीं लेते. सही समय और सही तरीका न अपनाने पर सप्लीमेंट का पूरा फायदा नहीं मिल पाता.
आयरन हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी मिनरल है. यह हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो खून के जरिए ऑक्सीजन को शरीर की हर कोशिका तक पहुंचाता है. जब शरीर में आयरन कम हो जाता है, तो पर्याप्त हेल्दी रेड ब्लड सेल्स नहीं बन पातीं. इससे आयरन-डिफिशिएंसी एनीमिया हो सकता है, जिसमें व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होती है.
आयरन सप्लीमेंट लेने का सही समय क्या है?
नमामी अग्रवाल सलाह देती हैं कि आयरन सप्लीमेंट खाली पेट लेना सबसे बेहतर होता है. यानी खाने से कम से कम एक घंटा पहले. खाली पेट लेने से आयरन का अवशोषण (absorption) बेहतर तरीके से होता है और शरीर उसे ज्यादा मात्रा में उपयोग कर पाता है.
वह यह भी कहती हैं कि आयरन सप्लीमेंट को अकेले लेना चाहिए. यानी इसे किसी और दवा या भारी भोजन के साथ न लें. "जब आप इसे अकेले लेते हैं, तो शरीर को पर्याप्त आयरन मिलता है, जिससे थकान कम होती है और ऊर्जा बढ़ती है," वह बताती हैं.
किन चीजों के साथ आयरन न लें?
कुछ फूड्स और ड्रिंक्स आयरन के अवशोषण में बाधा डालते हैं. उदाहरण के लिए चाय और कॉफी, दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स, कैल्शियम सप्लीमेंट.
इनमें मौजूद कुछ तत्व आयरन को शरीर में ठीक से घुलने और अवशोषित होने से रोकते हैं. इसलिए आयरन की गोली लेने के आसपास कम से कम 1-2 घंटे तक इन चीजों से दूरी रखना बेहतर है.
आयरन के फायदे क्या हैं?
आयरन सिर्फ थकान दूर करने के लिए ही नहीं, बल्कि कई अन्य जरूरी कामों के लिए भी अहम है:
- त्वचा को पोषण देना
- इम्यून सिस्टम मजबूत करना
- बालों को हेल्दी रखना
- नींद की क्वालिटी सुधारना
- गर्भावस्था में मां और शिशु के स्वास्थ्य को सपोर्ट करना
- हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करना
आयरन के नेचुरल सोर्सेज | Natural Sources of Iron
आयरन दो प्रकार का होता है, हीम आयरन और नॉन-हीम आयरन.
- हीम आयरन मुख्य रूप से मांस और समुद्री भोजन में पाया जाता है और यह शरीर में आसानी से अवशोषित हो जाता है.
- नॉन-हीम आयरन दालों, बीन्स, मेवे, हरी पत्तेदार सब्जियों और अनाज में मिलता है. ब्रेड और कई सीरियल्स में भी आयरन मिलाया जाता है (फोर्टिफाइड). हालांकि, नॉन-हीम आयरन का अवशोषण थोड़ा कम होता है.
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, हीम आयरन शरीर में नॉन-हीम आयरन की तुलना में बेहतर तरीके से अवशोषित होता है. अगर आप शाकाहारी हैं, तो आयरन से भरपूर भोजन के साथ विटामिन C (जैसे नींबू, आंवला, संतरा) लेना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है.
अंत में, अगर आप लगातार थकान, कमजोरी या चक्कर महसूस कर रहे हैं, तो खुद से सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय पहले डॉक्टर से जांच जरूर कराएं. सही समय पर लिया गया आयरन सप्लीमेंट आपकी एनर्जी, त्वचा और समग्र स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव ला सकता है. सही जानकारी ही सही इलाज की पहली सीढ़ी है.