कई बार हम सफलता के पीछे भागते-भागते इस बात को ही भूल जाते हैं कि हमने शुरुआत क्यों की थी और हमारा असली लक्ष्य क्या है. क्या केवल हर जगह दिखना ही असली मकसद है या अपनी छाप छोड़ जाना. बॉलीवुड का एक सितारा ऐसा है जो हमें जिंदगी के एक नहीं कई मंत्र सिखाता है, जो हमें असली सफलता की ओर से ला सकती है. हम बात कर रहे हैं ‘धुरंधर' स्टार अक्षय खन्ना की. फिल्म में रणवीर सिंह लीड रोल में थे लेकिन अगर किसी की चर्चा हुई तो वो है अक्षय खन्ना. अक्षय खन्ना की जिंदगी को बारीकी से देखें तो आपको एक नहीं कई लाइफ लेसंस मिलते हैं.
अक्षय खन्ना से ले सकते हैं ये 5 लाइफ लेसन (5 life lessons you can learn from Akshaye Khanna)
फिलॉसफी ऑफ डिटैचमेंटफिल्म धुरंधर की अपार सफलता के बाद जहां फिल्म के दूसरे सितारे मीडिया और सोशस मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इंटरव्यू देते दिखे, वहीं अक्षय खन्ना इन सब से दूर थे. नतीजे का मोह छोड़ कर वह अपने काम से मतलब रखते हैं. वह नतीजे की परवाह नहीं करते, बस अपनी कला से प्यार करते हैं. यानी चाहे सफलता हो या असफलता वह समान भाव से रहते हैं.
क्रिएट योर ओन वाइबखुद को ऐसा बनाओ की आपका कोई विकल्प न मिल पाए. अक्षय खन्ना के करियर को देखें तो फिल्म दिल चाहता है में आमिर खान की मौजूदगी के बाद भी उन पर लोगों की निगाहें टिक गईं. दृष्यम में वह अजय देवगन पर भारी पड़े. वहीं छावा में औरंगजेब के किरदार में तो उन्होंने कमाल ही कर दिया. फिल्म करते हुए उन्होंने डायरेक्टर से कहा था कि ‘मैं चाहता हूं कि लोग मुझे गालियां दें'. अक्षय का मकसद हीरो बनना नहीं बल्कि ऐसी वाइब क्रिएट करना है कि उनके पर्दे पर आने पर लोग पलकें झपकाना ही भूल जाएं.
जोमो (जॉय ऑफ मिसिंग आउट)लोगों को ये डर रहता है कि अगर मैं दिखूंगा नहीं तो दुनिया मुझे भूल जाएगी. लेकिन अक्षय ऐसा नहीं सोचते. इसके उलट वह अपनी प्राइवेसी को एन्जॉय करते हैं. उनसे ये सीख मिलती है कि अपनी प्राइवेसी को अपनी सबसे बड़ी दौलत बनाओ. गायब होना सीखो ताकि आपका आना एक त्योहार की तरह लगे.
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अपनी गलती को स्वीकारना, गिरकर उठना एक कला है. निराश होकर बैठ नहीं जाना चाहिए, आलोचना से आपको असर नहीं पड़ना, चाहिए बल्कि उससे सीख लेनी चाहिए. इतिहास ये याद नहीं रखता कि आप कितनी बार गिरे, बल्कि ये याद रखता है कि आप कैसे उठे और कितना चमके. अक्षय खन्ना की ढेरों फिल्में फ्लॉप हुई लेकिन जब वह छावा और धुरंधर जैसी फिल्मों में आए तो फिर इतिहास रच दिया.
मास्टरी ऑफ क्राफ्टअगर आप अपने प्रतिद्वंदी को देख कर अपना काम करते हो तो आप हमेशा नंबर 2 रहेंगे. लेकिन जिस दिन आपने अपने काम में मास्टरी हासिल कर ली तो आप किसी भी कॉम्पटीशन ने ऊपर उठ जाओगे. अक्षय खन्ना का कुछ यही फंडा है. वह किसी के होने से प्रभावित नहीं होते, बल्कि अपने काम को इतने परफेक्शन से करते हैं कि जब वह पर्दे पर होते हैं तो किसी और पर नजरे ही नहीं जाती.
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