दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल SWAT (स्पेशल वेपंस एंड टैक्टिक्स) कमांडो में काम करने वालीं 27 साल की काजल की 27 जनवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई. काजल पर उनके पति ने डंबल से कई बार हमला किया था, जिसके बाद उन्हें सिर पर गंभीर चोटें आई थीं. घायल काजल को दिल्ली के नेहरू नगर इलाके में यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था जहां कुछ दिन उनका इलाज चला, लेकिन उनकी मौत हो गई. फिलहाल पुलिस ने मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस में क्लर्क के पद पर काम करने वाले काजल के पति को अरेस्ट कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है. काजल दिल्ली पुलिस के 2022 बैच की स्वॉट (SWAT) कमांडो थीं, ऐसे में आइए जानते हैं कि स्वाट कमांडो कौन होते हैं पुलिस में इनका काम क्या होता है?
कौन होते हैं स्वाट कमांडो?
स्वाट का पूरा नाम (Special Weapons and Tactics/स्पेशल वेपंस ऐंड टैक्टिक्स) है. स्वाट कमांडो दिल्ली पुलिस की एक स्पेशल सेल के रूप में काम करते हैं. इस टीम का गठन में मुंबई में हुए 206/11 आतंकी हमले के बाद किया गया था. दिल्ली देश का पहला राज्य है जिसके पास महिला स्वाट कमांडो दस्ता है. दरअसल, 2008 में हुए इस हमले के बाद दिल्ली पुलिस को ये महसूस हुआ कि उन्होंने ऐसे कुछ कमांडो की जरूरत है, जो तकनीकी तौर भी आतंकी हमलों से निपटने के लिए तैयार हैं.
क्या होते हैं स्वाट कमांडो टीम में भर्ती के मापदंड?
SWAT टीमें बहुत खास होती हैं, इसमें शामिल होने वाले जवानों को कई टेस्ट पास करने होते हैं और शारीरिक दक्षता में सबसे आगे होना जरूरी है. फिजिकल फिटनेस के अलावा मेंटल फिटनेस के मामले में भी ये जवान काफी बेहतर होते हैं. इसके अलावा शूटिंग का टेस्ट भी होता है, इसमें सबसे ज्यादा नंबर जिसे मिलते हैं, उन्हें स्वाट टीम के लिए चुना जाता है.














