क्या परमाणु बम की भी होती है एक्सपायरी डेट? जानिए कितने साल तक रह सकता है खतरनाक

Atom bomb expiry date : परमाणु बम दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों में गिने जाते हैं. लेकिन इनके पीछे छिपी साइंस भी काफी दिलचस्प है. आखिर इनके अंदर मौजूद तत्व कितने समय तक एक्टिव रह सकते हैं, यही सवाल लोगों को हैरान करता है.

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कुल मिलाकर परमाणु बमों की कोई तय एक्सपायरी डेट नहीं मानी जाती.

Does a nuclear bomb also have an expiration date : परमाणु बम का नाम सुनते ही दिमाग में एक खतरनाक हथियार की तस्वीर बन जाती है. लेकिन इसके साथ लोगों के मन में एक दिलचस्प सवाल भी आता है. क्या परमाणु बम की भी कोई एक्सपायरी डेट होती है. जैसे दवाइयां या खाने की चीजें कुछ समय बाद खराब हो जाती हैं, क्या वैसे ही परमाणु बम भी समय के साथ बेकार हो जाते हैं. असल में मामला थोड़ा अलग है. परमाणु बम आम चीजों की तरह जल्दी खराब नहीं होते. इसकी वजह है इनके अंदर मौजूद रेडियोएक्टिव पार्टिकल, जो बहुत लंबे समय तक एक्टिव रहते हैं. यही कारण है कि ये हथियार सालों तक खतरनाक बने रह सकते हैं.

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परमाणु बम कैसे करता है काम

परमाणु बम की ताकत न्यूक्लियर फिशन नाम के एक प्रोसेस पर बेस्ड होती है. इसमें यूरेनियम 235 या प्लूटोनियम 239 जैसे कुछ खास पदार्थ इस्तेमाल होते हैं. जब इनके छोटे हिस्सों पर न्यूट्रॉन टकराता है तो ये टूट जाते हैं. इस दौरान बहुत ज्यादा ऊर्जा निकलती है. साथ ही कई नए न्यूट्रॉन भी बन जाते हैं. ये नए न्यूट्रॉन दूसरे छोटे हिस्सों से टकराते हैं और वही प्रोसेस फिर से शुरू हो जाती है. इसी को चेन रिएक्शन कहा जाता है. यही चेन रिएक्शन परमाणु बम के विस्फोट को बेहद ताकतवर बना देती है.

यूरेनियम और प्लूटोनियम की खासियत

परमाणु बम के अंदर मौजूद यूरेनियम और प्लूटोनियम बहुत खास तत्व होते हैं. इनकी एक बड़ी खासियत ये है कि ये बहुत धीरे-धीरे कमजोर होते हैं. उदाहरण के लिए प्लूटोनियम 239 की हाफ लाइफ करीब 24100 साल मानी जाती है. यानी इतने लंबे ड्यूरेशन के बाद इसकी आधी ताकत कम होती है. वहीं यूरेनियम 235 की हाफ लाइफ इससे भी बहुत ज्यादा लंबी होती है. वैज्ञानिकों के मुताबिक इसे अपनी आधी ताकत खोने में लाखों साल लग सकते हैं.

अपने आप नहीं होता परमाणु विस्फोट

हालांकि परमाणु बम अपने आप नहीं फटता. इसके लिए एक खास सिस्टम की जरूरत होती है. इसमें ट्रिगर और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया जाता है. डेटोनेटर एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम होता है जो सही समय पर बम के अंदर मौजूद व्यवस्था को चालू करता है. इसके बाद चेन रिएक्शन शुरू होती है और विस्फोट होता है.

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इसलिए लंबे समय तक बना रहता है खतरा

कुल मिलाकर परमाणु बमों की कोई तय एक्सपायरी डेट नहीं मानी जाती. इनके अंदर मौजूद रेडियोएक्टिव बहुत लंबे समय तक सक्रिय रह सकते हैं. इसी वजह से ये हथियार लंबे समय तक खतरा बने रह सकते हैं. यही कारण है कि परमाणु हथियार आज भी पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़े खतरों में गिने जाते हैं. क्योंकि एक विस्फोट लाखों लोगों की जिंदगी पल भर में खत्म कर सकता है.

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