Japan religion : अक्सर जब हम किसी देश के धर्म के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में कोई एक खास धर्म आता है. लेकिन जापान में ऐसा नहीं है. यहां धर्म को देखने और जीने का तरीका काफी अलग है. इस देश में मुख्य रूप से दो बड़े धर्म साथ-साथ चलते हैं – शिंतो धर्म (Shinto) और बौद्ध धर्म (Buddhism).(Buddhism).
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शिंतो धर्म क्या है?
शिंतो जापान का सबसे पुराना और पारंपरिक धर्म है. यह प्रकृति और पूर्वजों की पूजा पर आधारित है. शिंतो में 'कामी' नाम के देवी-देवताओं को पूजा जाता है. जापान में आपको जगह-जगह शिंतो मंदिर (जिन्हें जिंजा कहते हैं) मिलेंगे. लोग इन मंदिरों में प्रार्थना करने और आशीर्वाद लेने जाते हैं. शिंतो धर्म जीवन के उत्सव और शुद्धता पर जोर देता है.
बौद्ध धर्म क्या है?
यह गौतम बुद्ध की शिक्षाओं पर आधारित है. जापान में बौद्ध धर्म के कई अलग-अलग संप्रदाय हैं, जैसे जेन बौद्ध धर्म, जो ध्यान और आत्म-अनुशासन पर जोर देता है. बौद्ध मंदिरों में लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और शांति व ज्ञान की तलाश करते हैं. बता दें कि बौद्ध धर्म चीन और कोरिया के रास्ते जापान आया था.
जरूरी बात
जापान के लोगों की खास बात यह है कि ये दोनों धर्मों का पालन करते हैं. यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन जापानियों के लिए यह सामान्य है. उदाहरण के रूप में, वे शिंतो मंदिर में शादी करते हैं और बच्चे के जन्म का जश्न मनाते हैं, जबकि अंतिम संस्कार बौद्ध मंदिर में होते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि वे इन धर्मों को जीवन के अलग-अलग पहलुओं से जोड़कर देखते हैं.
इसके अलावा, जापान में ईसाई धर्म और कुछ नए धर्मों को मानने वाले लोग भी हैं, लेकिन उनकी संख्या शिंतो और बौद्ध धर्म को मानने वालों से काफी कम है.