Rajasthan Unemployment Offices Jobs: रोजगार की तलाश में युवा हर सरकारी दफ्तर के चक्कर लगात हैं और अपना रजिस्ट्रेशन करते हैं. उम्मीद बस यही रहती है कि एक न एक दिन उस सरकारी दफ्तर से उन्हें किसी नौकरी का बुलावा आएगा. हालांकि हर बार ये उम्मीदें सच साबित नहीं होती हैं. राजस्थान सरकार के रोजगार कार्यालयों को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है, उसे लेकर तो यही कहा जा सकता है. आरटीआई में इसे लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है और बताया गया है कि पिछले पांच सालों में राजस्थान के रोजगार कार्यालयों से एक भी सरकारी नौकरी नहीं मिली, जबकि इनमें 22 लाख युवाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया है.
रोजगार कार्यालयों के आंकड़े जारी
सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में लाखों युवाओं ने रोजगार कार्यालयों में अपना रजिस्ट्रेशन तो करवाया, लेकिन इसके बाद भी सरकारी नौकरी नहीं मिली. रोजगार निदेशालय (Directorate of Employment) की तरफ से दिए गए जवाब में ये जानकारी सामने आई. इसके पूरे आंकड़े भी जारी किए गए हैं.
- 14 जनवरी तक, राज्य के जिला रोजगार कार्यालयों में कुल 22,21,317 उम्मीदवारों ने नौकरी की तलाश में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया
- इनमें 13.08 लाख से ज्यादा पुरुष, 9.12 लाख महिलाएं और 989 'अन्य' श्रेणी के उम्मीदवार शामिल हैं
- सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन राजधानी जयपुर (2.51 लाख) में हुए
- इसके बाद अलवर (1.53 लाख), नागौर (1.34 लाख), झुंझुनू (1.22 लाख) और जोधपुर (86,320) शामिल हैं
- सबसे कम युवाओं ने जैसलमेर (12,031) और प्रतापगढ़ (14,047) में रजिस्ट्रेशन करवाए
किसने मांगा था जवाब?
इस RTI को दाखिल करने वाले चंद्रशेखर गौड़ हैं, उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में निजी क्षेत्र में करोड़ों का निवेश हुआ और भारी बढ़ोतरी हुई, लेकिन रोजगार निदेशालय के जरिए मिलने वाली नौकरियां बहुत ही कम हैं. सरकारी क्षेत्र में तो इन कार्यालयों के जरिए नौकरियां मिलना पूरी तरह बंद हो गया है. RTI में जब 'इन्वेस्टर समिट' से पैदा हुए रोजगार के बारे में पूछा गया, तो विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसी जानकारी उनके पास नहीं है.
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