Army Chief Upendra Dwivedi Pension : भारतीय आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपनी जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंप दी. पदभार हैंडओवर करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जनरल धीरज सेठ के नेतृत्व में भारतीय सेना नई ऊंचाइयों को छुएगी और अपनी गौरवशाली परंपराओं, प्रोफेशनलिज्म और संकल्प को आगे बढ़ाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और देश की सुरक्षा के प्रति हमेशा सजग रहेगी. हालांकि, इस बीच लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि सेना के सर्वोच्च पद से रिटायर होने वाले को रिटायरमेंट के बाद कितनी पेंशन और क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
उपेंद्र द्विवेदी को कितनी पेंशन मिलेगी?
आर्मी चीफ के पद से रिटायर होने वाले जनरल को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार पेंशन और दूसरे कई बेनिफिट्स मिलते हैं. इंडियन डिफेंस इंस्टीट्यूट के मुताबिक, 35 साल या उससे ज्यादा की सेवा पूरी करने वाले सेना प्रमुख को करीब 2.5 लाख रुपए या उससे ज्यादा मंथली पेंशन मिल सकती है. हालांकि, असल पेंशन की राशि अंतिम सैलरी, लागू वेतन आयोग की सिफारिशों और दूसरे सेवा से जुड़े नियमों के आधार पर तय होती है. इसे आसान भाषा में समझें तो सैलरी का आधा यानी 50 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के तौर पर मिलता है.
पेंशन के अलावा मिलते हैं कई दूसरे बेनिफिट्स
सेना प्रमुख को रिटायरमेंट के बाद केवल पेंशन ही नहीं, बल्कि कई दूसरी सुविधाएं भी मिलती हैं. इनमें रिटायरमेंट से जुड़े फाइनेंशियल बेनिफिट्स, ग्रेच्युटी और दूसरे सरकारी नियमों के तहत मिलने वाले लाभ शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा कई पूर्व सेना प्रमुखों को रक्षा मामलों से जुड़े उच्च स्तरीय सरकारी सलाहकार पद, रणनीतिक समितियों में जिम्मेदारियां या भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले कूटनीतिक (Diplomatic) अवसर भी मिल सकते हैं. बता दें कि भारतीय सेना प्रमुख, सेना का सर्वोच्च पद होता है. देश की सैन्य रणनीति, ऑपरेशनल तैयारियों, मॉडर्नाइजेशन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी अहम भूमिका होती है.
जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बारे में
जनरल उपेंद्र द्विवेदी का सैन्य करियर चार दशक से ज्यादा का रहा है. वह 15 दिसंबर 1984 को भारतीय सेना में शामिल हुए और फरवरी 2024 में उप सेनाध्यक्ष बनने के बाद सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली. चीन और पाकिस्तान सीमा पर उन्हें अच्छा अनुभव है. उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) सहित कई सम्मान मिल चुके हैं.
सैनिक स्कूल रीवा, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के पूर्व छात्र जनरल द्विवेदी ने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, आर्मी वॉर कॉलेज और यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी वॉर कॉलेज से भी एडवांस्ड मिलिट्री ट्रेनिंग की है.
ये भी पढ़ें - कौन हैं OpenAI इंडिया के नए मैनेजिंग डायरेक्टर प्रभजीत सिंह? इस IIT से की है पढ़ाई
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं