जंगली हाथियों के डर से 17 परिवारों ने छोड़ा घर, झोपड़ी में रहने को मजबूर, भीषण गर्मी-लू से भी बेहाल

गढ़वा जिले में अब तक 17 परिवार जंगली हाथियों के डर से घर छोड़ चुके हैं. ये लोग चट्टान के पास झोपड़ी में रहने को मजबूर है. पढ़िए चंदन कुमार कश्यप की रिपोर्ट.

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हाथियों के आतंक से परेशान ये लोग अब झोपड़ी में रह रहे हैं.

"जंगल में हाथियों ने घर उजाड़ दिया और जब झोपड़ी में शरण ली तो बच्चे हीटवेव की चपेट में आ गए", झारखंड में गढ़वा जिले के लोगों का यही दर्द है. मेराल वन क्षेत्र के बाहेरवा में ग्रामीण जंगली हाथियों की दहशत में जी रहे हैं. उनके सामने परेशानी यह है कि वो आखिर कहां जाएं? इन ग्रामीणों का आंखों में आंसू है और सिर पर मुसीबतों का बोझ. दरअसल, पिछले दो वर्षो से इस गांव मे जंगली हाथियों का आतंक बरकरार है. इसकी वजह से 17 परिवारों ने गांव में छोड़ दूसरे जगह शरण ले ली है. 

चट्टान के पास रह रहे लोग

इन सभी ग्रामीणों ने मेराल प्रखंड के गेरूवासोती गांव में शरण ली. यहां चट्टान के पास झोपड़ी बनाकर रहने लगे. जब गांव से दूर रहने लगे तो गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है. गढ़वा का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है. लू के प्रकोप के चलते सुबह 10 बजे के बाद मुश्किलें भी बढ़ जाती हैं. ऐसे में झोपड़ी में रहना किसी चुनौती से कम नहीं है. इसके चलते बच्चों की तबीयत भी खराब हो गई है.  

मेडिकल टीम भेजेगा प्रशासन

फिलहाल, इस मामले से प्रशासन भी बेखबर है. मामला सामने आने के बाद अधिकारी ने सहायता का आश्वासन दिया है. उपायुक्त अनन्य मित्तल ने सवाल के जवाब में कहा कि मीडिया के जरिए यह जानकारी मुझे मिली है, वहां मेडिकल टीम को भेजा जाएगा.  उन ग्रामीणों को जो भी दिक्कत होगी, इसे बहुत जल्द सुलझा लिया जाएगा.

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