जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स से जंग, नशा मुक्ति को लेकर LG मनोज सिन्हा के साथ सड़क पर उतरे हजारों लोग

मनोज सिन्हा ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हो रही है. ‘दोषी पर रहम नहीं और निर्दोष पर सितम नहीं’ इस नीति के साथ ड्रग्स के ख़िलाफ़ लड़ाई चल रही है. यह केवल स्थानीय क़ानून व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है.

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नशे के खिलाफ अभियान में पैदल मार्च के दौरान एलजी मनोज सिन्हा
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  • एलजी मनोज सिन्हा ने शोपियां में नशा मुक्ति अभियान को लेकर हजारों लोगों के साथ पैदल मार्च किया
  • राज्य में 11 अप्रैल से चल रहे सौ दिनों के नशामुक्त अभियान का उद्देश्य ड्रग्स के खिलाफ जनजागृति फैलाना है
  • उपराज्यपाल ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है और आतंकवाद तथा नशा दो पहलू हैं
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कश्मीर:

जम्मू-कश्मीर में नशे से खिलाफ चल रहे अभियान की अगुवाई कर रहे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को हजारों लोगों के साथ दक्षिण कश्मीर के शोपियां में पैदल यात्रा की. उन्होंने इससे पहले शोपियां में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया और लोगों को ड्रग्स के खिलाफ शपथ भी दिलाई. 

दरअसल, उपराज्यपाल ने राज्य में ड्रग्स के खिलाफ सौ दिनों का नशामुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान चलाया हुआ है. इसकी शुरुआत 11 अप्रैल को एमए स्टेडियम जम्मू से की गई थी. इसके बाद से यह राज्य के कई हिस्सों में आयोजित किया गया. जनजागृति का यह अभियान अब जन आंदोलन बन चुका है. लोग स्वयं ही अपने घरों से निकल कर इसका हिस्सा बन रहे हैं.

शनिवार सुबह शोपियां में बारिश और तेज ठंड के बावजूद हज़ारों लोग सुबह-सुबह इस अभियान में हिस्सा लेने के लिए इकट्ठा हुए. इनमें बड़ी संख्या में युवा और छात्र-छात्राएं थे. नशे के खिलाफ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं. छात्रों ने साइकल मार्च निकाला और खुद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने क़रीब एक किलोमीटर के पैदल मार्च की अगुवाई की.

इस दौरान लोग बड़ी संख्या में सड़क के दोनों ओर उनका अभिवादन करने के लिए खड़े रहे. कई जगहों पर फूल मालाओं से उनका स्वागत किया गया. एक महिला अपने नवजात शिशु को गोद में लिए उनका लंबे समय तक इंतज़ार करती रही और सामने आने पर उनका गर्मजोशी से अभिवादन किया.

शोपियां दक्षिण कश्मीर का एक जिला है जो किसी ज़माने में आतंकवादियों की सक्रियता के कारण जाना जाता था. शोपियां जिले की सड़कों पर कभी आतंकवादियों के जनाजे निकला करते थे और उनमें लोग शामिल हुआ करते थे. आज वहां उपराज्यपाल ड्रग्स के खिलाफ सड़कों पर निकले और हज़ारों लोग उनके साथ थे. यह एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है.

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इससे पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोगों को अपने संबोधन में कहा कि ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हो रही है. उन्होंने कहा कि ‘दोषी पर रहम नहीं और निर्दोष पर सितम नहीं' इस नीति के साथ ड्रग्स के ख़िलाफ़ लड़ाई चल रही है. यह केवल स्थानीय क़ानून व्यवस्था का मामला नहीं है बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है.

एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, “आतंकवाद और नशा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. कुछ तस्करों ने अकूत संपत्ति कमाई होगी. कुछ ने महल खड़े किए होंगे. घूम फिर कर यह पैसा उन्हीं तंजीमों के पास जाता है, हमारे पड़ोसी मुल्क में जो इस पैसे से हथियार ख़रीदते हैं. आतंकवाद को बढ़ावा करने में और रेडिकलाइज करते हैं.”

सौ दिन के इस अभियान में राजनीतिक दलों, नेताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, छात्रों, धार्मिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम लोगों का ज़बरदस्त सहयोग मिल रहा है. इस अभियान का समापन एक बड़े कार्यक्रम के साथ होगा.

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