मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री होंगे युमनाम खेमचंद सिंह, एक साल बाद हटेगा राष्ट्रपति शासन

मणिपुर के सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है. राज्य के अगल मुख्यमंत्री के लिए युमनाम खेमचंद सिंह को चुन लिया गया है. मंगलवार को उन्हें विधायक दल के नेता चुना गया. जल्द ही उनके नेतृत्व में मणिपुर में नई सरकार का गठन होगा.

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मणिपुर विधायक दल के नेता चुने गए युमनाम खेमचंद सिंह के साथ पर्यवेक्षक तरुण चुघ व अन्य नेता.
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  • मणिपुर में एक साल से चल रहा राष्ट्रपति शासन इस महीने 12 फरवरी को खत्म हो रहा है और नई सरकार बनने जा रही है.
  • युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है जो राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे.
  • युमनाम खेमचंद सिंह 2017 और 2022 में सिंगजामेई सीट से विधायक चुने गए, वे विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
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नई दिल्ली:

Manipur New CM: मणिपुर में हिंसा के बाद एक साल से चल रहा राष्ट्रपति शासन अब खत्म होने जा रहा है. पिछले साल फरवरी में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद हिंसाग्रस्त मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. अब मणिपुर में नई सरकार बनने जा रही है. युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) मणिपुर के अगले सीएम होंगे. मंगलवार को युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है. युमनाम खेमचंद सिंह एन बीरेन सिंह की सरकार में मंत्री भी थे. वो 2017 और 2022 में मणिपुर के सिंगजामेई सीट से विधायक बने  थे. बता दें कि युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

युमनाम खेमचंद सिंह की गिनती मणिपुर के एक अनुभवी और कद्दावर नेता के रूप में होती है. एन बीरेन सिंह की सरकार में उनके पास ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी थी. विधानसभा स्पीकर के रूप में उनके निष्पक्ष कार्यशैली की चर्चा रही है. 

इसी महीने 12 फरवरी को खत्म हो रहा राष्ट्रपति शासन

मणिपुर में इस महीने 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन खत्म हो रहा था. इससे पहले राज्य में भाजपा ने नए मुख्यमंत्री चुनने की कवायद तेज कर दी थी.
केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ ने पटका पहनाकर युमनाम खेमचंद का स्वागत किया. इस मौके पर मणिपुर स्टेट प्रेसिडेंट और नॉर्थ ईस्ट के इंचार्ज संबित पात्रा मौके पर मौजूद थे. मणिपुर में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायक सोमवार को दिल्ली पहुंच गए थे.

हिंसा के बाद सीएम का इस्तीफा, फिर लगा था राष्ट्रपति शासन

मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा के बीच लागू हुआ था. बीरेन सिंह के राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के चार दिन बाद, पिछले साल 13 फरवरी को केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था.

बता दें कि 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित रखा गया था. इस बीच नई सरकार के गठन की कवायद में भाजपा संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया.

दिसंबर से शुरू हुई थी सरकार गठन की सुगबुगाहट

इससे पहले, पिछले साल 14 दिसंबर को, मणिपुर भाजपा विधायक दल ने नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में शांति प्रक्रिया और हिंसाग्रस्त राज्य से संबंधित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की थी. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और राज्य विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रता सिंह सहित 34 से अधिक भाजपा विधायकों के साथ-साथ बीएल संतोष, संबित पात्रा और मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी भी उपस्थित थीं.

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