- उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी में पर्यटकों से भरी नाव पलटने से दस लोगों की मौत और पांच लोग लापता हैं
- दुर्घटना के समय नाव में सैंतीस लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर पंजाब के लुधियाना और अन्य शहरों के तीर्थयात्री थे
- तेज हवा के कारण नाव डगमगाई और गहरे पानी में एक तैरते हुए पोंटून से टकराकर पलट गई, जिससे हादसा हुआ
उत्तर प्रदेश के मथुरा में शुक्रवार को यमुना नदी में पर्यटकों से भरी एक बोट पलट जाने से 10 लोगों की मौत हो गई. अब भी 5 लोग लापता हैं. अधिकारियों ने बताया कि दूसरे दिन भी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इस दुर्घटना में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है. अब तक जितने लोगों की मौत हुई है, उनमें से ज्यादातर पंजाब के रहने वाले थे. 22 लोग घायल हैं, जिनकी हालत स्थिर है.
बताया जा रहा है कि इस मोटर बोट में दर्जनों लोग सवार थे. मौके पर एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और सेना की टीम लगभग लगभग 50 स्थानीय गोताखोरों के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. गुलाब नाम के एक स्थानीय गोताखोर ने बताया कि उसने 15 लोगों को नदी से बाहर निकाला था.
चश्मदीदों ने मीडिया को बताया कि तेज हवाओं के कारण बोट बीच नदी में तेजी से डगमगाने लगी और पलट गई.
दुर्घटना के समय बोट पर मौजूद लोगों की कुल 37 लोग सवार थे. का पता नहीं चल पाया है लेकिन उनके साथ गए लोगों का कहना है कि 5 लोग अब भी लापता हैं. लापता लोगों में मानिक टंडन, पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका के नाम शामिल हैं.
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'कल भले-चंगे गए थे, लेकिन...'
पीड़ित परिवार की सुमन गुलाटी ने बताया कि गुरुवार शाम 7 बजे वृंदावन के लिए बस निकली थी. सुबह मेरी 9 बजे बात हुई थी. हमें वॉट्सऐप पर वीडियो भेज रहे थे. आधे घंटे के बाद किसी के घर में फोन आया कि हमारी बोट उलट गई है, किसी के नंबर से उन्होंने फोन किया था.
उन्होंने बताया कि फोन पर उसने कहा कि सबके फोन गिर गए हैं और डूब गए हैं. हमने भी फोन मिलाया लेकिन किसी को फोन नहीं लगा. उन्होंने कहा कि अभी तक हमारे पास कोई जानकारी नहीं है. हमारे इलाके से 8-10 लोग वृंदावन गए थे.
वहीं, एक और पीड़ित की रिश्तेदार ने रोते हुए कहा, 'कल बच्चे भले-चंगे गए हैं. मथुरा वृंदावन. ढाई बजे स्टेटस पर वीडियो देखा. सब खुश थे. सेल्फी ले रहे थे. उसके बाद तो पता ही नहीं चल रहा कि कौन कहां है?' उन्होंने बताया कि अभी बस यही खबर आ रही है कि लापता है.
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कैसे पलटी थी नाव?
अधिकारियों ने बताया कि ये श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना और अन्य शहरों से आए लगभग 150 तीर्थयात्रियों के एक बड़े समूह का हिस्सा थे.
उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना केसी घाट के पास तब हुई, जब नौका गहरे पानी में जाने के बाद एक तैरते हुए पोंटून (पीपा पुल का एक हिस्सा) से टकरा गई.
अधिकारियों ने बताया कि इलाके में पानी का स्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल को हाल ही में हटा दिया गया था, जिससे नदी में कुछ पोंटून खुले रह गए थे. ऐसा माना जा रहा है कि उन्हीं में से एक पोंटून से टकराने के कारण नाव पलटी.
इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद हादसे का संज्ञान लिया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए संवेदना प्रकट की.
रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर 22 लोगों को बचा लिया गया है. गहरे पानी मे फंसी बोट को निकालने के लिए एसडीआरएफ और सेना की टीम भी मौके पर पहुंची. दुर्घटना के बाद लगभग 9 घंटे बाद बोट को नदी से निकाला गया.
डूबने से पहले राधे-राधे का जप कर रहे थे लोग
यमुना में डूबने से ठीक पहले का एक वीडियो तेजी से प्रसारित होने से मालूम पड़ा कि सभी यात्री उस समय खुशी-खुशी तालियां बजाते हुए राधे-राधे का जाप कर रहे थे. इस वीडियो से यह भी पता चला है कि बोट में सवार इन यात्रियों में से किसी को भी नाविक ने ‘लाइफ जैकेट' नहीं पहनाई थी, न ही उनमें से किसी ने भी इस पर ध्यान दिया.













