- गोपालगंज के बलथरी चेक पोस्ट पर फंसे 210 टन वजनी विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग को लेकर भारी जाम और भीड़ है.
- महाबलीपुरम से महीने भर पहले रवाना 33 फीट ऊंचे और 33 फीट लंबे शिवलिंग को अभी मोतिहारी पहुंचना है.
- शिवलिंग को मोतिहारी ले जाने के लिए डुमरिया घाट पुल पार करना है जो जर्जर स्थिति के कारण समस्या बना हुआ है.
बिहार के गोपालगंज में दुनिया का सबसे विशालकाय शिवलिंग पिछले दो दिनों से गोपालगंज के बलथरी चेक पोस्ट पर फंसा हुआ है. विशालकाय आकार और भारी वजन के कारण इसे आगे बढ़ने में परेशानी आ रही है. 210 टन वजनी शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से करीब एक महीने पहले चला था और इसे अभी कई और किलोमीटर की दूरी तय कर मोतिहारी ले जाया जाना है. हालांकि पालपुर के बलथरी चेक पोस्ट पर शिवलिंग की पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है. भारी भीड़ और सड़क जाम को लेकर ट्रैफिक संचालन में दिक्कतें आ रही है. सुरक्षा को लेकर गोपालगंज जिला प्रशासन के द्वारा कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं.
गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा और एसपी अवधेश दीक्षित ने शिवलिंग के स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक संचालन को लेकर अधिकारियों को कोताही नहीं बरतने के भी दिशा निर्देश दिए हैं.
33 फीट ऊंचा और 33 फीट लंबा शिवलिंग
शिवलिंग को गोपालगंज के आगे मोतिहारी लेकर जाना है, लेकिन इसके आगे बढ़ने को लेकर परेशानी आ रही है. इसकी मुख्य वजह इस शिवलिंग का विशालकाय आकार और भारी वजन है. हालांकि गोपालगंज जिला प्रशासन इसे आगे भेजने की प्लानिंग में जुटा है.
दरअसल, यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से एक महीने और 10 दिन पहले चला था, जिसने अभी तक 2178 किलोमीटर की दूरी तय की है. 33 फीट ऊंचे और 33 फीट लंबे इस विशालकाय शिवलिंग को गोपालगंज से निकलने के लिए डुमरिया घाट पुल पार करना होगा.
डुमरिया घाट पुल बना आगे बढ़ने में परेशानी
हालांकि दिक्कत ये है कि गोपालगंज और मोतिहारी की सीमा को जोड़ने वाली गंडक नदी पर बना डुमरिया घाट पुल जर्जर है. इसी पुल को पार करने से पहले शिवलिंग की सुरक्षा और उसके ट्रांसपोर्टेशन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि यह शिवलिंग दुनिया का सबसे विशाल शिवलिंग है, जिसका वजन 210 टन है. उन्होंने कहा कि जिस ट्रक पर इसे लाया जा रहा है, उसमें उसमें 110 पहिए हैं और ट्रक का वजन भी करीब 160 टन है. कुल मिलाकर इसका वजन साढ़े तीन सौ टन से ज्यादा हो गया है.
इंजीनियरों की टीम करेगी पुल का निरीक्षण
डीएम ने कहा कि इतना भारी और विशाल शिवलिंग को गोपालगंज से पार करने के लिए मोहम्मदपुर के डुमरिया घाट पुल पहुंचना होगा. यह डुमरिया घाट पुल पहले से ही जर्जर है.
डीएम ने कहा कि इंजीनियर और तकनीकी पदाधिकारियों को मौके पर बुलाया गया है. इंजीनियरों की टीम इस पुल का निरीक्षण करेगी और उनके निरीक्षण करने के बाद ही या तय हो पाएगा कि शिवलिंग को पुल से कैसे पार कराया जाए.
विराट रामायण मंदिर में होगी स्थापना
मोतिहारी के कैथवलिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर में इस शिवलिंग को स्थापित किया जाना है. यह गोपालगंज की सीमा में ही कई दिनों तक अटका रह सकता है. वहीं मंदिर में स्थापित करने को लेकर भी परेशानी आ सकती है.
बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड और पटना की महावीर मंदिर कमेटी के द्वारा मोतिहारी के कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है.
शिवलिंग कई राज्यों से होते हुए गोपालगंज पहुंचा है और यहां से अभी इसको कई किलोमीटर की दूरी तय करनी है. हालांकि यह लगातार तीसरा दिन है, जब यह गोपालगंज में खड़ा है.
शिवलिंग के दर्शनों के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु
शिवलिंग के दर्शनों और पूजा अर्चना को लेकर लगातार श्रद्धालु पहुंच रहे है. सुरक्षा को लेकर पुलिस जवानों को शिफ्ट में लगाया गया है. शिवलिंग के सुरक्षा और इसकी ट्रांसपोर्टेशन को लेकर डीएम और एसपी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. यहां पर मेले जैसा नजारा है और लगातार लोगों का यहां पहुंचने का सिलसिला जारी है.














