- प्रधानमंत्री मोदी ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण 2029 के चुनाव से लागू करने की घोषणा की
- सरकार ने महिला आरक्षण लागू करने के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया है जिसमें कानून में संशोधन होगा
- महिला आरक्षण कानून के तहत लोकसभा की सीटें बढ़ाने और विधानसभाओं में सीटों को 50% तक बढ़ सकती हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साफ कर दिया कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू होगा. असम के बारपेटा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि 40 साल से महिलाएं इसका इंतजार कर रही हैं और इसके लिए कानून में संशोधन जरूरी है.
पीएम मोदी ने कहा कि 'हमारी सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण) पारित किया था. इसमें महिलाओं के लिए 33% आरक्षण तय हुआ है. महिलाओं ने 40 साल तक इसका इंतज़ार किया है. इसीलिए अब ये जरूरी है कि 2029 के लोकसभा चुनावों से ही महिलाओं को ये हक मिले. इसके लिए कानून में कुछ संसोधन आवश्यक है. इसीलिए सरकार ने 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया है.'
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को सशक्त करना बीजेपी की बहुत बड़ी प्राथमिकता है. विकसित भारत बनाने के लिए विधानसभा और संसद में महिलाओं की बड़ी भूमिका हो ये बहुत जरूरी है.
हाल ही में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सभी पार्टियों के साथ बात भी की थी. सूत्रों के मुताबिक, महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सरकार लोकसभा की सीटें बढ़ाने पर विचार कर रही है. इसके साथ ही सभी राज्यों की विधानसभाओं में सीटें 50% तक बढ़ाई जा सकती हैं.
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पीएम बोले- कुछ लोग भ्रम फैला रहे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली में महिला आरक्षण कानून को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा, 'कुछ लोग इस नेक काम को लेकर भी भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं. देश के सभी राज्यों को इससे फायदा ही होगा. किसी राज्य को इससे नुकसान नहीं होगा. नार्थ ईस्ट हो, साउथ इंडिया हो, जहां पॉपुलेशन को कंट्रोल किया गया है उनका रिप्रेजेंटेशन बिलकुल कम नहीं होगा. हम ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं जिससे महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें मिले, अभी जितनी सीटें हैं उससे अधिक सीटें हों.'
क्या है सरकार का प्लान?
महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार दो बिल लाने की तैयारी कर रही है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पहला प्रस्तावित संविधान संशोधन बिल लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने का प्रावधान करेगा.
एक सीनियर अधिकारी ने NDTV से कहा कि इस प्रस्तावित कानून को दो तिहाई बहुमत से पास कराना होगा. इसे राज्यों के अनुमोदन की जरूरत नहीं होगी. दूसरा बिल परिसीमन आयोग बनाने के लिए लाया जाएगा.
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