अकेले यूपी-बिहार में होंगी 180 सीटें, किस राज्य का कितना कोटा, जानें महिला आरक्षण से 815 सीटें का कैसे बंटवारा होगा

Women Reservation Bill: महिला आरक्षण से जुड़ा नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पेश किया गया है. इसमें महिलाओे लिए 272 सीटों के आरक्षण का प्रावधान है. मेघवाल ने भरोसा दिया कि इससे किसी राज्य का नुकसान नहीं होगा.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Women Reservation, delimitation Bill
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन विधेयक संसद में पेश कर लोकसभा की सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है
  • लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 815 की जाएंगी, जिनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
  • महिला आरक्षण के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभा में अनुसूचित जाति और जनजाति को भी आरक्षण मिलेगा
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने संसद में महिला आरक्षण से जुड़ा नारी शक्ति वंदन अधिनियम संविधान संशोधन विधेयक और परिसीमन विधेयक पेश कर दिया है. इसके तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 815 हो जाएंगी. इसमें 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. संसद में हो रही परिचर्चा में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ये बात कही. लोकसभा और राज्यों की विधानसभा में महिला आरक्षण में एससी-एसटी का आरक्षण भी होगा. इसमें उत्तर प्रदेश और बिहार की लोकसभा सीटें मिलाकर 180 तक पहुंचेगा. गृह मंत्री अमित शाह ने भी बहस में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि अभी दक्षिण भारत के 129 सांसद हैं, जो नए परिसीमन के बाद 195 सीटें बढ़ेंगी. तमिलनाडु की सीटें 39 से 59 सीटें, तेलंगाना की 17 से 26, केरलम की 20 से 30 हो जाएंगी. 

लोकसभा सीटों में 50 फीसदी इजाफा

शाह ने भरोसा दिया कि इस महिला आरक्षण के लागू होने से न तो पुरुषों को और न ही किसी राज्य को कोई नुकसान होगा. इसके तहत लोकसभा की मौजूदा संख्या में 50 फीसदी का इजाफा होगा. मेघवाल ने कहा कि अगर नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 बना रहता है तो 2029 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण संभव नहीं होगा, क्योंकि यह अगली जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होगा जो अभी उपलब्ध होंगे. 

Women Reservation

अन्य राज्यों में कहां कितनी सीटें बढ़ने का अनुमान

राज्य : अभी सीटें : नई सीटें : वृद्धि

गुजरात : 26 : 39 : 13
आंध्र : 25 : 38 : 13 
राजस्थान : 25 : 38 : 13
ओडिशा : 21 : 32 : 11
तेलंगाना : 17 : 26 : 09
दिल्ली : 07 : 11 : 04
छत्तीसगढ़ : 11 : 17: 06
उत्तराखंड : 05 : 08 : 03
हरियाणा : 10 : 15 : 05
पंजाब : 13 : 20 : 07

(50 प्रतिशत वृद्धि के साथ अनुमानित सीटें) 

ये भी पढ़ें - क्या है डिलिमिटेशन बिल? सरकार ने दिया 50% वाला फार्मूला, परिसीमन से क्या विपक्ष गणित गड़बड़ाएगा

Advertisement

महिलाओं को 33 फीसदी कोटा

मेघवाल ने कहा कि पूरी दुनिया में महिलाओं को वोट देने का समान अधिकार भारत के मुकाबले बहुत बाद में मिला. अमेरिका में महिलाओं को पुरुषों के 144 साल बाद वोट देने का अधिकार मिला.ब्रिटेन में महिलाओं को 1918 में कुछ शर्तों के साथ वोट देने का अधिकार मिला.भारत में महिलाओं को पहले चुनाव से ही पुरुषों के साथ वोट देने का अधिकार मिला.

ये भी पढ़ें - Explained: परिसीमन, कोटा और सीटों का फार्मूला... महिला आरक्षण पर टकराव के 5 प्वाइंट, आखिर क्या चाहता है विपक्ष

Advertisement

महिला आरक्षण कैसे लागू होगा

महिला आरक्षण की नई व्यवस्था में बढ़ी हुई सीटों में से एक तिहाई (33 फीसदी) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. यदि उत्तर प्रदेश की सीटें 120 होती हैं तो उनमें से 40 सीटें महिला सांसदों के लिए होंगी.परिसीमन के लिए 131वां संविधान संशोधन विधेयक चर्चा में है जो 1971 की जनगणना के आधार पर सीटों पर लगी लिमिट को खत्म कर देगा.

जनसंख्या का आधार

विपक्ष का आरोप है कि परिसीमन मुख्य रूप से 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा. उत्तर भारतीय राज्यों जैसे UP बिहार को जनसंख्या वृद्धि दर के कारण ज्यादा सीटें बढ़ेंगी. तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों का संसद में उनका राजनीतिक दबदबा कम हो जाएगा. हालांकि केंद्र सरकार ने भरोसा दिया है कि किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी. सभी राज्यों की सीटें आनुपातिक आधार पर बढ़ाई जाएंगी.

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का संविधान संशोधन विधेयक

लोकसभा में संविधान 131वां संशोधन बिल 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पर गुरुवार को बहस शुरू हुई थी. विपक्ष ने संविधान संशोधन बिल पेश करने के लिए मत विभाजन की मांग की. लोकसभा में बिल 251 सदस्यों के समर्थन और 185 सदस्यों के विरोध के साथ पेश किया गया.

संविधान संशोधन के मुताबिक, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी की जाएगी. साथ ही 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण को लागू करने के लिए लोकसभा की सीटें बढ़ाई जाएंगी. 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभा सीटें भी बढ़ाई जाएंगी. लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण पंचायत चुनाव की तरह बारी-बारी से अलग-अलग सीटों पर चुनाव दर चुनाव दिया जाएगा. 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Women Reservation में जोड़ा 'जातीय कार्ड', एंकर ने बीच डिबेट जो सुनाया | PM Modi