- राघव चड्ढा समेत सात आम आदमी पार्टी के सांसदों ने बगावत कर भाजपा में विलय की मंजूरी राज्यसभा सभापति ने दी
- पंजाब के आप सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा- उन्हें भी भाजपा में शामिल होने का प्रलोभन दिया था
- विक्रमजीत सिंह साहनी ने संसद में आजाद समूह बनाने का प्रस्ताव दिया था जिसे बलबीर सिंह सीचेवाल ने ठुकरा दिया
राघव चड्ढा ने अपने अलावा 6 और सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी से बगावत कर अरविंद केजरीवाल और पूरी पार्टी को बड़ा झटका दिया है. सातों बागी सांसदों के साथ बीजेपी में विलय को आज राज्यसभा के सभापति ने भी मंजूरी दे दी है. इस बीच पंजाब के एकमात्र बचे आप सांसद ने एनडीटीवी से बातचीत में एक और नई बात बताई है. पंजाब से आम आदमी पार्टी के सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि उन्हें भी राघव चड्डा के साथ बाकी सांसदों ने भी प्रलोभन दिया था. इसके लिए बकायदा फोन कॉल और चाय पीने का न्योता था. हालांकि उन्होंने साथ आने से साफ इनकार कर दिया.
पंजाब विधायकों के टूटने की संभावना कम
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के वास्तविक सत्ता केंद्र राघव चड्ढा और संदीप पाठक थे.उन्होंने कहा कि सभी विधायक संदीप पाठक के संपर्क में रहते थे, जबकि राज्य की पूरी नौकरशाही राघव चड्ढा से जुड़ी हुई थी. हालांकि, सीचेवाल ने यह भी कहा कि चुनाव से ठीक पहले आखिरी वक्त में पार्टी छोड़ने वालों की संख्या बहुत कम होने की संभावना है. उनके मुताबिक, जो लोग बाकी बचे हैं, वे अपनी इच्छा के अनुसार फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं. सीचेवाल ने यह भी टिप्पणी की कि ये सांसद पार्टी के नेता तो हैं, लेकिन जननेता नहीं, इसके बावजूद उन्होंने राज्य में राजाओं की तरह शासन किया.
फोन कॉल, चाय का न्योता और विरोध
संत बलबीर सिंह सीचेवाल के अनुसार,राघव चड्ढा ने संसद की कैंटीन में चाय पर बुलाकर उन्हें लुभाने की कोशिश की थी. जबकि विक्रमजीत सिंह साहनी (Shawney) ने कथित तौर पर फोन कॉल कर बीजेपी में शामिल होने का संकेत दिया था. सीचेवाल ने कहा कि पार्टी के अंदर ये घटनाएं असंतोष और अंदरूनी उथल‑पुथल के बड़े कारण बनीं.
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'मुझे भी आया था ऑफर....'
एनडीटीवी से बातचीत में बलबीर सीचेवाल ने बताया कि सबसे अहम खुलासों में से एक था विक्रमजीत सिंह साहनी का फोन कॉल. उनके अनुसार, साहनी ने संसद में एक “आजाद समूह” बनाने का प्रस्ताव दिया था. सीचेवाल का दावा है कि साहनी ने कहा था कि अशोक मित्तल समेत कई सांसद पहले ही इससे सहमत हो चुके हैं और बीजेपी का समर्थन करने को तैयार हैं. हालांकि, बलबीर सीचेवाल ने साफ कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, क्योंकि उनकी किसी भी ऐसे राजनीतिक गठजोड़ में कोई रुचि नहीं है. सीचेवाल के इन बयानों के बाद पंजाब AAP में अंदरूनी खींचतान और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
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