कौन हैं हरजीत सिंह ग्रेवाल, जो बने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष; पीएम के पंजाब दौरे के बीच सिख कार्ड

हरजीत सिंह ग्रेवाल को उसी दिन यह जिम्मेदारी दी गई, जब पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ और जालंधर में थे. ग्रेवाल का भाजपा से पुराना संबंध हैं और वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के भी सदस्य हैं. इसके अलावा पंजाब की कोर कमेटी में भी शामिल हैं. 

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  • हरजीत ग्रेवाल को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं
  • भाजपा ने पंजाब चुनाव से पहले सिख समुदाय तक पहुंच बनाने के लिए हरजीत सिंह ग्रेवाल को अहम जिम्मेदारी सौंपी है
  • ग्रेवाल की नियुक्ति से भाजपा पंजाब में सिख समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है
नई दिल्ली:

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के तौर पर हरजीत सिंह ग्रेवाल को शुक्रवार को चुना गया है. वह पंजाब भाजपा के सीनियर नेता हैं और राज्य में उसकी कोर कमेटी के मेंबर भी हैं. इसलिए उन्हें अल्पसंख्यक आयोग की जिम्मेदारी सौंपकर भाजपा ने पंजाब चुनाव से पहले बड़ा संकेत दिया है. वह सिख चेहरे हैं और पंजाब में उनके जरिए भाजपा पंथिकों के बीच संदेश देना चाहती है. अब तक पंजाब में भाजपा की छवि हिंदू समुदाय की पार्टी और बाहरी लोगों के दल के तौर पर रही है. भाजपा की जरूरत रही है कि पंजाब में सिख समुदाय के बीच उसकी पैठ बने. यही वजह है कि उसने रवनीत सिंह बिट्टू को महत्व दिया है तो वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी साथ लिया था.

अब हरजीत सिंह ग्रेवाल के जरिए भाजपा ने सिखों को साधने की कोशिश की है. पहले भी भाजपा ऐसी कोशिशें करती रही है. हालांकि अब उसे इसकी जरूरत बढ़ गई है क्योंकि अकाली दल से उसकी राह अलग हो चुकी है. पहले पंजाब में अकाली दल सिखों की राजनीति करती थी, जबकि भाजपा को जालंधर, लुधियाना, पठानकोट, अबोहर जैसे इलाकों वोट मिलते थे. ये इलाके मुख्य रूप से अच्छी हिंदू आबादी वाले रहे हैं. अब जब अकाली दल से अलगाव हो गया है तो भाजपा अपने लेवल पर भी सिख वोटों को साधना चाहती है. 

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ग्रेवाल से पहले भी सिख समुदाय के इकबाल सिंह लालपुरा पर थी कमान

हरजीत सिंह ग्रेवाल से पहले यह जिम्मेदारी एक पूर्व आईपीएस अधिकारी इकबाल सिंह लालपुरा के पास थी. वह भी सिख ही हैं. ऐसा पहली बार हो रहा है, जब लगातार दूसरी बार किसी सिख नेता को ही अल्पसंख्यक आयोग की कमान सौंपी है. इसके अलावा ग्रेवाल तीसरे सिख हैं, जो अल्पसंख्यक आयोग के मुखिया बने हैं. तरलोचन सिंह पहले सिख व्यक्ति थे, जिन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था. बता दें कि ग्रेवाल को उसी दिन यह जिम्मेदारी दी गई, जब पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ और जालंधर में थे. ग्रेवाल का भाजपा से पुराना संबंध हैं और वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के भी सदस्य हैं. इसके अलावा पंजाब की कोर कमेटी में भी शामिल हैं. 

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