परिसीमन के बाद किस राज्य में हो जाएंगी कितनी सीटें? गृहमंत्री अमित शाह ने बताया 850 सीटों वाला लॉजिक

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि परिसीमन के बाद दक्षिण भारतीय राज्यों की सीटों में कटौती नहीं होगी.

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  • अमित शाह ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि परिसीमन के बाद किसी भी दक्षिणी राज्य की लोकसभा सीटें कम नहीं होंगी
  • नया परिसीमन तभी लागू होगा जब संसद और राष्ट्रपति इसकी मंजूरी देंगे, यह संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है
  • जाति जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा जिसमें मकान और बिल्डिंग की गणना के बाद जाति का डेटा एकत्र किया जाएगा
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महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में अपनी बात रखी. उन्होंने साफ किया कि परिसीमन के बाद किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी. उन्होंने कहा कि यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि जो तीन विधेयक आ रहे हैं उनसे दक्षिण भारत की सीटों की संख्या कम हो जाएगी. गृहमंत्री ने यह भी बताया कि परिसीमन के बाद किस राज्य में कितनी सीटें हो जाएंगी.

गृह मंत्री ने कहा कि परिसीमन विधेयक 2026 से दक्षिण के राज्यों को नुकसान नहीं बल्कि फायदा होगा. उन्होंने कहा कि 50% वृद्धि मॉडल के बाद लोक सभा की वर्तमान 543 सीटों की संख्या 816 हो जाने से दक्षिण के सभी राज्यों की सीटों की संख्या बढ़ जाएगी. गृह मंत्री ने कहा कि लोक सभा में दक्षिण के राज्यों की मौजूद 129 सीटों की संख्या बढ़कर 195 हो जाएगी और सदन की कुल सीटों में दक्षिण के राज्यों की सीटों का प्रतिशत भी मौजूदा लगभग 24 प्रतिशत के समान रहेगा.

दक्षिण के किस राज्य में कितनी सीटें होंगी?

संसद के विशेष सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों में प्रतिनिधित्व घटने की आशंकाओं पर जवाब दिया. लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने संभावित आंकड़े पेश किए और कहा कि प्रस्तावित ढांचे में किसी भी क्षेत्र को नुकसान नहीं होगा. अमित शाह के अनुसार, 

  • कर्नाटक में लोकसभा सीटें 28 से बढ़कर 42 हो सकती हैं
  • आंध्र प्रदेश की सीटें 25 से बढ़कर 38 हो सकती हैं 
  • तेलंगाना की 17 से 26 सीटें हो सकती हैं 
  • तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 तक पहुंच सकती हैं. 

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पांच दक्षिणी राज्यों में लोकसभा सीटों की कुल संख्या मौजूदा 129 सीटों से बढ़कर 195 हो जाएगी, जबकि सत्ता में हिस्सेदारी का प्रतिशत 23.76 प्रतिशत से बढ़कर 23.87 प्रतिशत हो जाएगा. उन्होंने कहा, 'उन्होंने पूछा कि 850 का आंकड़ा कहां से आया. मैं इसे समझाता हूं. 850 का यह आंकड़ा इस तरह निकाला गया है: मान लीजिए, अगर 100 सीटें हैं और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना है, तो कुल सीटों को 50 प्रतिशत बढ़ाने पर यह 150 हो जाती हैं और जब 150 सीटों पर 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाता है, तो यह अपने आप वापस 100 सीटों पर आ जाता है.'

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अमित शाह ने कहा कि ये आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि परिसीमन के बाद भी दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व में कमी नहीं आएगी. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक सबसे बड़ा नैरेटिव, भ्रांति फैलाई जा रही है कि जो तीन विधेयक है, उनके आने से दक्षिण की संख्या कम हो जाएगा और नुकसान हो जाएगा.

अमित शाह ने कहा कि वे तमिलनाडु की जनता को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनकी शक्ति कम नहीं होगी बल्कि बढ़ रही है. तमिलनाडु में प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा, बल्कि बढ़ेगा. वर्तमान में तमिलनाडु से 39 सदस्य चुनकर आते हैं, जो 543 सदस्यों वाले सदन का लगभग 7.18 प्रतिशत है. प्रस्तावित 50 प्रतिशत वृद्धि के बाद सीटों की संख्या बढ़कर लगभग 59 हो जाएगी और 816 सदस्यों वाले नए सदन में इसका प्रतिनिधित्व लगभग 7.23 प्रतिशत हो जाएगा. अतः स्पष्ट है कि इन राज्यों के प्रतिनिधित्व में कोई कमी नहीं होगी, बल्कि वृद्धि ही होगी.

अमित शाह के भाषण की बड़ी बातें

  • प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण: नया परिसीमन तभी लागू होगा जब संसद इसे स्वीकार करे और राष्ट्रपति महोदय अपनी मंजूरी की मुहर लगाएं. यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है, कोई एकतरफा फैसला नहीं.
  • आगामी चुनावों पर असर नहीं: जब तक नया परिसीमन लागू नहीं होता, तब तक तमिलनाडु, बंगाल सहित सभी आगामी चुनाव पुरानी सीटों पर और पुरानी व्यवस्था के तहत ही होंगे.
  • अखिलेश को सीधा जवाब: अमित शाह ने कहा कि अखिलेश यादव को परिसीमन से डरने की कोई जरूरत नहीं. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वो नई व्यवस्था में भी जीतेंगे नहीं, यह अलग बात है.
  • विपक्ष को आयोग में जगह: अमित शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग में विपक्ष अपने लोग बिठा सकता है. प्रक्रिया पारदर्शी है और इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
  • मैनिपुलेशन के आरोप पर पलटवार: प्रियंका गांधी के मैनिपुलेशन के आरोप पर शाह ने कहा कि अगर किसी ने परिसीमन में मैनिपुलेशन किया है तो वो कांग्रेस है.  BJP यह काम नहीं करती.
  • राजनीतिक टाइमिंग पर निशाना: शाह ने संकेत दिया कि तमिलनाडु और बंगाल में चुनाव नजदीक होने के कारण ही विपक्ष अभी परिसीमन का मुद्दा उठा रहा है, यह शुद्ध रूप से चुनावी राजनीति है.
  • जाति जनगणना पर: मोदी कैबिनेट ने जाति जनगणना कराने का निर्णय ले लिया है. यह जनगणना के दूसरे चरण में होगी. पहले मकान और बिल्डिंग की गणना होगी, उसके बाद जाति का डेटा एकत्र किया जाएगा. इस प्रक्रिया को लेकर जो भ्रांति फैलाई जा रही है, वह निराधार है.

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