- दिल्ली में HC के आदेश पर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जिसमें तनावपूर्ण स्थिति बनी.
- दिल्ली नगर निगम ने मस्जिद के पास अवैध दवा घर और बारात घर को गैरकानूनी घोषित कर बुलडोजर चलाया.
- पुलिस ने लगभग हजार जवानों की तैनाती की, ड्रोन से इलाके की निगरानी की गई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए.
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद और रामलीला मैदान के पास आधी रात को अवैध अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई. 7 जनवरी तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए, नारेबाजी हुई और पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश पर की गई.
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इलाके में हालात तनावपूर्ण. भारी पुलिसबल मौजूद.
दरअसल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की, जिसमें मस्जिद से सटे अवैध दवा घर (डिस्पेंसरी) और बारात घर को गैरकानूनी घोषित किया गया था.
10-17 बुलडोजर और जेसीबी मशीनें लगाई गईं
जांच में पाया गया कि सरकारी जमीन पर अनधिकृत निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं. कार्रवाई में 10 से 17 बुलडोजर और जेसीबी मशीनें लगाई गईं, साथ ही 70 से ज्यादा डंपर मलबा हटाने के लिए तैनात किए गए. एमसीडी के 150 से अधिक कर्मचारी भी मौजूद रहे. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. दिल्ली पुलिस ने करीब 1000 जवानों की तैनाती की, जिनमें 9 जिलों के डीसीपी रैंक के अधिकारी शामिल थे. रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टीम भी मौके पर पहुंची.
ड्रोन से की गई पूरे इलाके की निगरानी
मस्जिद की ओर आने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग लगा दी गई थी. ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही थी. विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और नारेबाजी की. कुछ उपद्रवियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और पथराव किया, जिससे धमाकों जैसी आवाजें गूंजीं. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया.
ज्वाइंट सीपी मधुर वर्मा ने कहा, 'हमने कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की है. उपद्रव करने वालों की फुटेज से पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. ज्यादातर उपद्रवी बाहरी लोग थे, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा.'
अब कंट्रोल में है स्थिति
पुलिस के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण में है और कार्रवाई पूरी हो चुकी है. इससे पहले दिसंबर में एमसीडी ने रामलीला मैदान से अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था. हाईकोर्ट ने मस्जिद से सटे अवैध ढांचों को हटाने के निर्देश दिए थे, हालांकि मस्जिद प्रबंधन समिति ने इसे चुनौती दी थी, लेकिन अंतरिम रोक नहीं मिली.
यह कार्रवाई पुरानी दिल्ली के संवेदनशील इलाके में हुई, जहां पहले भी अतिक्रमण हटाने को लेकर विवाद हो चुके हैं. ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी.














