भगवान की चक्की धीरे चलती है, लेकिन बारीक पीसती है... SIR को लेकर भड़कीं ममता बनर्जी, EC और बीजेपी पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट संशोधन के दौरान 7.6 करोड़ में से 76 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे 'सुपर हिटलर' की कार्रवाई बताते हुए आरोप लगाया कि एक खास समुदाय और परिवारों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया है.

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  • पश्चिम बंगाल में वोटरों के नाम काटे जाने की प्रक्रिया में 7.6 करोड़ मतदाताओं में से करीब 76 लाख नाम हटे
  • CM ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या बताया
  • ममता बनर्जी ने कहा कि एक परिवार और विशेष समुदाय के कई सदस्यों के नाम सूची से हटाए गए
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पश्चिम बंगाल में SIR संशोधन के दौरान लाखों वोटरों के नाम काटे जाने पर भारी सियासी बवाल खड़ा हो गया है. चुनाव आयोग की दूसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी होने वाले दिन, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए इस कार्रवाई को 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है. बनर्जी ने चेतावनी दी कि लोग जल्द ही सत्ता के ऐसे मनमाने इस्तेमाल का जवाब मांगेंगे.

7.6 करोड़ में से 76 लाख वोटर्स का नाम साफ

बंगाल में SIR की यह प्रक्रिया 7.6 करोड़ मतदाताओं के साथ शुरू हुई थी, लेकिन अब तक करीब 10% मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जिससे अब मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 6.8 करोड़ रह गई है. 23 मार्च को पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की गई थी, जिसमें आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया गया था कि कितने नाम जोड़े या हटाए गए हैं. हालांकि, चुनाव आयोग के शीर्ष सूत्रों का दावा है कि न्यायिक अधिकारियों द्वारा जांचे गए 32 लाख वोटरों में से 40% यानी करीब 13 लाख अतिरिक्त वोटर हटा दिए गए हैं, जिससे अब तक कुल हटाए गए मतदाताओं का आंकड़ा 76 लाख तक पहुंच गया है.

"BJP चला रही 'वैनिश कुमार' नाम की वॉशिंग मशीन"

राम नवमी के दिन कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट पूरी तरह से सार्वजनिक करने की चुनौती दी. उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि 'अभी जो हो रहा है वह सुपर हिटलर्स के कारनामों को भी पीछे छोड़ देगा. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे 'वैनिश कुमार' को मोहरा बनाकर एक 'वैनिशिंग वॉशिंग मशीन' चला रहे हैं, जो लोगों के वोट देने के अधिकार और लोकतंत्र को ही गायब कर रही है.

एक ही परिवार और खास समुदाय पर निशाना साधने का आरोप

मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नाम हटाने के लिए लोगों को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने एक ही परिवार के एक सदस्य को लिस्ट में रखा और चार अन्य के नाम हटा दिए, साथ ही एक विशेष समुदाय के लाखों लोगों के नाम काटे गए हैं. ममता ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले के सूती ब्लॉक के एक बूथ में 500 में से 400 लोगों के नाम काट दिए गए. बशीरहाट के एक ब्लॉक में 600 में से 400 वोटरों को लिस्ट से बाहर कर दिया गया.

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काटे गए वोटरों को सरकार देगी फ्री वकील

ममता बनर्जी ने चेतावनी दी है कि जनता इस मनमानी का जवाब जरूर मांगेगी, क्योंकि 'भगवान की चक्की धीमी जरूर पीसती है, लेकिन बारीक पीसती है.' उन्होंने बंगाल के लोगों को भरोसा दिलाया है कि जिन लोगों के नाम लिस्ट से हटाए गए हैं, वे अपने-अपने जिलों के ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं. मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार ऐसे सभी लोगों की मदद के लिए मुफ्त में वकील मुहैया कराएगी, क्योंकि किसी को भी नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार छीनने का हक नहीं है.

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