मालदा में कैसे भड़की भीड़, कैसे न्यायिक अफसर बने बंधक, मालदा कांड में NIA टीम ने BDO ऑफिस को खंगाला

West Bengal News: अब NIA की टीम की दोबारा मौके पर मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि एजेंसी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है. आने वाले दिनों में इस जांच से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मालदा बंधक कांड की जांच तेज.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • मालदा में मोथाबाड़ी ब्लॉक कार्यालय में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना की जांच NIA कर रही है
  • NIA टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश-निकास मार्ग की बारीकी से समीक्षा की है
  • SIR प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने 7 न्यायिक अधिकारियों को कई घंटों तक ब्लॉक कार्यालय में रखा था
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में कालियाचक स्थित मोथाबाड़ी ब्लॉक कार्यालय में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना की जांच अब तेज हो गई है. इसी कड़ी में NIA की टीम एक बार फिर मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया. सूत्रों के अनुसार, NIA अधिकारी मोथाबाड़ी स्थित BDO कार्यालय में पहुंचकर उस दिन की पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं, जब SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने सात न्यायिक अधिकारियों को कई घंटों तक अंदर ही घेरकर रखा था.

बंधक कांड मामले में जांच कर रही NIA की टीम

 एजेंसी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश-निकास मार्ग और मौके पर मौजूद परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन किया. जांच के दौरान NIA टीम स्थानीय अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि प्रदर्शन अचानक उग्र कैसे हुआ और किन परिस्थितियों में न्यायिक अधिकारियों को बाहर निकलने से रोका गया.

SIR के विरोध में अधिकारियों को घंटों तक बनाया था बंधक

 साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या इस पूरी घटना के पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी या यह स्वतः भड़की भीड़ की प्रतिक्रिया थी. बता दें कि SIR प्रक्रिया के विरोध में हुए इस प्रदर्शन के दौरान सात न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक ब्लॉक कार्यालय के अंदर बंधक बनाकर रखा गया था, इनमें तीन महिला अधिकारी भी शामिल थीं. बाद में पुलिस और केंद्रीय बलों की मदद से देर रात उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया था.

NIA ने शुरू की मामले की जांच

हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों पर पथराव किया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई थी. इस पूरे मामले ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. इसी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने का निर्देश दिया था, जिसके बाद NIA ने अपनी जांच शुरू की. अब NIA की टीम की दोबारा मौके पर मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि एजेंसी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है. आने वाले दिनों में इस जांच से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है.

ये भी पढ़ें- मालदा कांड में ISF–AIMIM कनेक्शन: ‘मास्टरमाइंड' की गिरफ्तारी के बाद सियासी साजिश पर बड़ा सवाल

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | West Bengal Election 2026: अबकी बार, बंगाल में होगा आर-पार? Mamata Banerjee