- ममता बनर्जी ने कोलकाता हवाई अड्डा जाते समय केंद्रीय बलों द्वारा उनकी कार की तलाशी की कोशिश का दावा किया.
- तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने उनके नेताओं के वाहनों की गहन तलाशी के आदेश दिए हैं.
- पार्टी महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि केवल तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को ही चयनित कर गहन तलाशी की जा रही है.
पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर फिर बड़ा हमला किया है. उन्होंने बुधवार को दावा किया कि जब वह दिन में कोलकाता हवाई अड्डा जा रही थीं, तभी केंद्रीय बलों ने उनकी कार की तलाशी लेने की कोशिश की. मुख्यमंत्री से पहले उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि निर्वाचन आयोग ने उसके नेताओं के वाहनों की ‘गहन तलाशी' लेने का आदेश दिया है.
बनर्जी ने उत्तर दिनाजपुर जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर केंद्रीय बलों में हिम्मत है, तो वे हर दिन उनकी कार की जांच कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं आज कोलकाता हवाई अड्डा जा रही थी तो केंद्रीय बलों ने मेरी कार की तलाशी लेने की कोशिश की. अगर आपमें हिम्मत है, तो आप हर दिन मेरी कार की जांच करें.''
तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि केवल उसके नेताओं, विशेष रूप से अभिषेक बनर्जी के वाहन की निर्वाचन आयोग के निर्देशों के आधार पर, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तैनात सुरक्षा कर्मियों द्वारा ‘सघन तलाशी' के लिए चुना गया है. सत्तारूढ़ पार्टी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ‘‘इस तरह की गहन जांच के लिए केवल उनकी पार्टी के नेताओं को ही क्यों चुना जा रहा है जबकि अन्य को बख्शा जा रहा है? यह चुनिंदा तरीके से निशाना बनाने का एक स्पष्ट मामला है.''
तृणमूल के आरोपों पर निर्वाचन आयोग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होना है, जबकि मतगणना चार मई को होगी.
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