- भारत मौसम विभाग ने मई के दौरान लू के खतरे को देखते हुए प्रभावित राज्यों के लिए हीट वेव एडवाइजरी जारी की है
- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बोले-सरकार गर्मी से निपटने के लिए तैयार है,पेयजल-बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे
- मई और जून में हीट वेव के दिनों की संख्या औसत से अधिक रहने की संभावना है जिससे गर्मी सामान्य से ज्यादा रहेगी
Weather Update IMD: अप्रैल में झुलसा देने वाली गर्मी के बाद मई में तेज आंधी और बारिश ने थोड़ा ही सही पर गर्मी के तेवर जरूर ढीले किए हैं. तापमान में 4 से 5 डिग्री की कमी आई है तो वहीं इस महीने मॉनसून को लेकर भी गुड न्यूज है. हालांकि आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान रिपोर्ट के मुताबिक मई महीने के दौरान हिमालय के तलहटी (foothills) क्षेत्र, ओडिशा सहित पूर्वी तट के कुछ हिस्सों, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में तेज गर्मी पड़ने की आशंका है, जिससे इन क्षेत्रों में सामान्य से लगभग 2-4 दिन अधिक लू चलने की संभावना है. इस बाबत एक एडवाइजरी भी जारी की गई है. वहीं भारत सरकार का कहना है कि घबराने की कोई बात नहीं है.
कहां-कहां चलेगी लू?
केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा,"मई के दूसरे (8-14 मई) और चौथे (22-28 मई) सप्ताह में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है, जिससे उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पूर्वी तट में लू चल सकती है." इस खतरे को देखते हुए भारत मौसम विभाग ने सभी प्रभावित होने वाले राज्यों को हीट वेव एडवाइजरी जारी कर दी है.
सरकार ने कहा- आपको घबराना नहीं है
केंद्रीय मंत्री जीतेन्द्र सिंह के मुताबिक,"सरकार गर्मी से उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. राज्य और जिला स्तर पर पेयजल की उपलब्धता, सुचारू शीतलन व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पहल जरूरी होगा.बच्चों, बुजुर्गों और बाहरी कार्यों में लगे श्रमिकों सहित संवेदनशील समूहों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है."
आईएमडी ने जारी कर दिया अलर्ट
भारत मौसम विभाग के मुताबिक, खासकर शहरी और तटीय क्षेत्रों में रात के तापमान में वृद्धि से उमस बढ़ सकती है. पूर्वी तट, गुजरात और महाराष्ट्र में भी गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है.भारत मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में ईएनएसओ-तटस्थ स्थितियां बनी हुई हैं और दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान अल नीनो की स्थिति होने की संभावना है.
इससे पहले 31 मार्च को अप्रैल-जून 2026 के दौरान मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए भारत मौसम विभाग (IMD) के डायरेक्टर जनरल डॉ. एम मोहापात्रा ने एनडीटीवी से कहा था,"आमतौर पर मई और जून महीने में हर महीने 3 से 7 हीट वेव के दिन रिकॉर्ड किए जाते हैं. लेकिन इस साल हमारा पूर्वानुमान है की हीटवेव वाले दिनों की संख्या मईऔर जून में औसत से 5 से 7 दिन ज्यादा रहेगी यानी, इस साल मई और जून महीने में गर्मी औसत से ज्यादा पढ़ने की आशंका है".
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