क्या सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए पूछा गया सवाल? NDTV के इंटरव्यू में घिरीं नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग

PM मोदी से सवाल पूछकर चर्चा में आईं नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग NDTV इंटरव्यू में कई सवालों पर घिर गईं. प्रेस फ्रीडम, भारत की समझ और विवादित कार्टून पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिए, जिससे उनकी तैयारी पर सवाल उठे.

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  • नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने PM नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने को अपनी पत्रकारिता की जिम्मेदारी बताया था.
  • उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के फॉर्मेट के बारे में पहले जानकारी न होने और मौके पर सवाल उठाने की बात स्वीकार की.
  • पीएम मोदी पर विवादित कार्टून पर लिंग ने टिप्पणी करने से बचते हुए चर्चा की आवश्यकता को माना है.
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नई दिल्ली:

नॉर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछकर सुर्खियों में आईं पत्रकार हेले लिंग अब खुद सवालों के घेरे में हैं. NDTV को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में जब उनसे उनके इरादे, भारत की समझ और प्रेस फ्रीडम पर सवाल किए गए, तो कई मुद्दों पर वह असहज नजर आईं.

‘वायरल होने के लिए था सवाल?'

हेले लिंग से पूछा गया कि उनका सवाल कहीं सिर्फ चर्चा या वायरल होने के लिए तो नहीं था. इस पर उन्होंने कहा कि वह एक पत्रकार के तौर पर अपना काम कर रही थीं और विदेशी दौरों के दौरान सवाल उठाना उनकी जिम्मेदारी है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने इससे पहले नॉर्वे के विदेश मंत्रालय के सामने इस मुद्दे को नहीं उठाया था और मौके पर ही सवाल पूछने का फैसला किया.

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PM मोदी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस फॉर्मेट पर सवाल

लिंग से पूछा गया कि क्या उन्हें पता था कि यह एक जॉइंट स्टेटमेंट था, न कि खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस. इस पर उन्होंने माना कि वह पहले इस फॉर्मेट को लेकर सरकार से सवाल नहीं उठा पाईं. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि भविष्य में उन्हें पीएम मोदी से सवाल पूछने का मौका मिलेगा या नहीं, इसलिए उन्होंने उसी समय सवाल किया.

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मोदी पर कार्टून विवाद पर चुप्पी

इंटरव्यू के दौरान उन्हें एक नॉर्वेजियन अखबार में छपे उस कार्टून पर भी सवाल किया गया, जिसमें पीएम मोदी को ‘सपेरे' (snake charmer) के रूप में दिखाया गया था. इस पर लिंग ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी और कहा कि उन्होंने पूरा आर्टिकल नहीं पढ़ा है, इसलिए टिप्पणी नहीं कर सकतीं. उन्होंने यह जरूर कहा कि अगर कोई खबर या कार्टून किसी को आहत करता है, तो उस पर चर्चा होनी चाहिए.

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प्रेस फ्रीडम रैंकिंग पर भी सवाल

लिंग अक्सर नॉर्वे की प्रेस फ्रीडम रैंकिंग (नंबर-1) का हवाला देती रही हैं. उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें पता है कि कतर और जॉर्डन जैसे देश भी इस इंडेक्स में भारत से ऊपर हैं. इस पर उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को और समझना चाहेंगी और यह भी माना कि कुछ देशों की रैंकिंग पर सवाल उठ सकते हैं.

भारत की समझ पर घिरीं

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने भारत के लोकतंत्र या राजनीति पर कितना अध्ययन किया है, तो वह ठोस जवाब देने की बजाय भारतीय खाना और योग की बात करने लगीं. उन्होंने माना कि उन्होंने भारत के बारे में अखबारों और रिपोर्ट्स के जरिए पढ़ा है, लेकिन यह उनकी प्रमुख बीट नहीं है और उन्हें अभी बहुत कुछ सीखना है.

राहुल गांधी से इंटरव्यू की इच्छा

लिंग ने यह भी बताया कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इंटरव्यू के लिए संपर्क किया है. उन्होंने कहा कि अगर मौका मिला तो वह उनसे भी भारत में प्रेस फ्रीडम और मानवाधिकार के मुद्दों पर सवाल करेंगी.

गौरतलब है कि PM मोदी से सवाल पूछकर चर्चा में आईं हेले लिंग अब खुद सवालों से घिरती नजर आईं. इंटरव्यू में कई मुद्दों पर उनके जवाब अधूरे या अस्पष्ट रहे, जिससे उनकी तैयारी और भारत को लेकर समझ पर भी सवाल उठे हैं.

यहां सुनें पूरी बातचीत- 

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