- केंद्रीय गृह सचिव ने बंगाल के मुख्य सचिव को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान मामले में जवाब देने के लिए कहा.
- मुख्य सचिव से पूछा गया कि राष्ट्रपति दौरे में नियमों का पालन क्यों नहीं किया और कार्यक्रम स्थल क्यों बदला.
- राष्ट्रपति मुर्मू ने बागडोगरा में आयोजित कार्यक्रम में ममता बनर्जी और मंत्रियों की अनुपस्थिति पर असंतोष जताया.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल में 'अपमान' का मामला गरमा गया है. इस मामले को लेकर अब केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है. बंगाल के मुख्य सचिव को शाम 5 बजे तक जवाब देने के लिए कहा गया है. साथ ही पूछा गया है कि आखिर नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास आयोजित आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों की अनुपस्थिति का भी जिक्र किया था. साथ ही कार्यक्रम स्थल को स्थानांतरिक करने के निर्णय पर भी सवाल उठाए थे.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान मामले में केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से आज शाम 5 बजे तक जवाब देने के लिए कहा है. साथ ही यह पूछा है कि राष्ट्रपति के दौरे को लेकर नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया.
ब्लू बुक का पालन नहीं करने पर उठाया सवाल
केंद्रीय गृह सचिव की ओर से पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से पूछा गया है कि इस मामले में ब्लू बुक के नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया और कार्यक्रम स्थल को क्यों बदला गया. राष्ट्रपति के काफिले के रूट को लेकर व्यवस्था नहीं करने को लेकर भी सवाल पूछा गया है. साथ ही कहा गया है कि राष्ट्रपति के दौरे में पर्याप्त व्यवस्थाएं क्यों नहीं थीं.
बंगाल के मुख्य सचिव से मांगी रिपोर्ट
केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से इन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है:
- मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और उपमुख्यमंत्री राष्ट्रपति के स्वागत और विदाई के लिए क्यों उपस्थित नहीं थे? केवल सिलीगुड़ी के महापौर ही उनका स्वागत करने के लिए मौजूद थे.
- राष्ट्रपति के लिए बनाए गए शौचालय में पानी भी नहीं था.
- प्रशासन द्वारा तय किया गया मार्ग कूड़े से भरा हुआ था.
- दार्जिलिंग के डीएम, सिलीगुड़ी के मुख्य सचिव और सहायक प्रशासक इसके लिए जिम्मेदार हैं. उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई
- आज शाम 5 बजे तक जवाब प्रस्तुत करें.
ममता बनर्जी को लेकर बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू
बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास आयोजित आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम में कम उपस्थिति पर असंतोष व्यक्त किया था और कार्यक्रम स्थल को बिधाननगर से स्थानांतरित करने के निर्णय पर सवाल उठाया था. उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों की अनुपस्थिति का भी जिक्र किया.
मुर्मू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “आम तौर पर, जब राष्ट्रपति आती हैं तो मुख्यमंत्री को उनका स्वागत करना चाहिए और अन्य मंत्रियों को भी उपस्थित रहना चाहिए, लेकिन वह (ममता बनर्जी) नहीं आईं. राज्यपाल बदल गए हैं और इसलिए नहीं आ सके, लेकिन चूंकि तारीख तय थी, इसलिए मैं आई हूं. कोई बात नहीं. यहां आने के लिए आप सभी का धन्यवाद.”
साथ ही बिधाननगर से कार्यक्रम को स्थानांतरिक करने को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई. राष्ट्रपति ने कहा, “ममता बनर्जी मेरी ‘छोटी बहन' जैसी हैं. मैं भी बंगाल की बेटी हूं, लेकिन मुझे नहीं पता कि मुझे वहां जाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई. मुझे नहीं पता कि वह नाराज हैं या नहीं. खैर, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. आप सब ठीक रहें.”














