सोमवार को बंगाल विधानसभा में UCC बिल पेश किए जाने की संभावना है। आज शाम विधानसभा में बिजनेस एडवाइजर कमेटी की बैठक हुई. बैठक में इस मामले पर चर्चा की गई. बीजेपी ने बंगाल में सरकार बनने के 6 महीने में यूसीसी लागू करने का वादा किया था. यूसीसी के मुद्दे को बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में शामिल किया था.
बीजेपी ने संकल्प पत्र में किया था वादा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को प्रमुखता से शामिल किया था. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीजेपी का संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा था कि बंगाल में सरकार बनने के 6 महीने में हम यूसीसी लागू करेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार घुसपैठियों के खिलाफ “डिटेक्ट (पहचान करना), डिलीट (कार्रवाई करना) और डिपोर्ट (निर्वासित करना)” की नीति अपनाएगी.
अमित शाह ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में हमारी सरकार घुसपैठ को कतई बदर्शत नहीं करने की नीति (जीरो टॉलरेंस) अपनाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन करने की गारंटी देने के लिए कानून लाया जाएगा.
बंगाल में पिछली सरकार की अनियमितताओं के खिलाफ लाएगी श्वेत पत्र
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित अनियमितताओं, अधूरी परियोजनाओं और वित्तीय कुप्रबंधन पर विभागवार श्वेत पत्र जारी करने की घोषणा की.
विधानसभा में दासगुप्ता ने राज्य के बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने उन हालात की जानकारी जनता के सामने रखने का फैसला किया है जिनकी वजह से राज्य पर कर्ज़ का बोझ बढ़ा और कई परियोजनाओं में देरी हुई.
उन्होंने कहा, ‘‘हम हर विभाग के लिए अलग-अलग श्वेत पत्र लाने पर विचार कर रहे हैं. वित्त विभाग यह बताएगा कि किस तरह के कुप्रबंधन की वजह से इतना भारी कर्ज का बोझ बढ़ा. दूसरे विभाग यह बताएंगे कि परियोजनाएं क्यों अधूरी रह गईं और क्यों ऐसी स्थिति पैदा हुई.''